सारंगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में जिले में 1 से 15 अप्रैल तक आयोजित राजस्व पखवाड़ा आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। इस विशेष अभियान के तहत वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण कर लोगों को त्वरित न्याय और दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
मल्दा ‘ब’ के क्लस्टर शिविर में ग्राम परसकोल की सलिता पटेल को फौती नामांतरण का दस्तावेज सौंपा गया। सलिता की शादी ग्राम भेड़वन के दीपक पटेल से हुई थी, जिनका वर्ष 2024 में बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद नामांतरण प्रक्रिया में दीपक की बहनों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिससे मामला लंबित हो गया था।
तहसील न्यायालय सारंगढ़ में सुनवाई के बाद इस प्रकरण का समाधान किया गया, जिससे सलिता पटेल को न्याय मिला। अपने प्रकरण के निराकरण से वह बेहद संतुष्ट नजर आईं और उन्होंने विष्णु देव साय सहित पूरे राजस्व अमले का आभार व्यक्त किया।
इसी तरह सारंगढ़-जसरा के बद्री प्रसाद चंद्रा (पिता नंदूराम) के बंटवारा प्रकरण का भी सफल निराकरण किया गया। उनके भतीजे द्वारा गैर-पैतृक भूमि पर आपत्ति दर्ज कर विवाद खड़ा किया गया था। इस संबंध में बद्री प्रसाद ने तहसीलदार एन. के. सिन्हा के समक्ष अपना पक्ष रखा, जिसके बाद मामले का उचित समाधान किया गया।
दस्तावेज वितरण के दिन बद्री प्रसाद चंद्रा भावुक हो उठे। वर्षों से चले आ रहे विवाद से मुक्ति मिलने पर उन्होंने इसे “आत्मिक शांति” का क्षण बताया। उन्होंने भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कलेक्टर डॉ. कन्नौजे, एसडीएम बंसल तथा तहसीलदार सिन्हा सहित पूरे राजस्व अमले के प्रति आभार जताया।
राजस्व पखवाड़ा ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान संभव है। यह अभियान जिले में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।


