मोना स्कूल का शानदार जलवा: 99.27% रिजल्ट के साथ रचा इतिहास, टॉपर्स ने किया कमाल!
सारंगढ़ स्थित मोना मॉडर्न इंग्लिश मीडियम स्कूल ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। मोना ग्रुप ऑफ एजूकेशन के फाउंडर एवं प्रिंसिपल डॉ. रितेश केशरवानी के कुशल नेतृत्व में कक्षा 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा सत्र 2025–26 में विद्यालय ने 99.27% परिणाम हासिल कर अभूतपूर्व सफलता दर्ज की है। यह शानदार उपलब्धि विद्यालय की मजबूत शैक्षणिक प्रणाली, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का जीवंत प्रमाण है।
टॉपर्स ने बढ़ाया मान, यश पटेल बने स्कूल टॉपर
इस वर्ष के परिणाम में मेधावी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया—
यश पटेल – 97.2% (प्रथम स्थान)
रितिका देवांगन – 97% (द्वितीय स्थान)
अरमान रत्नाकर – 96.2% (तृतीय स्थान)
इन विद्यार्थियों की मेहनत और लगन ने पूरे विद्यालय को गौरवान्वित किया।
मेरिट की बारिश: 21 छात्रों ने 90%+ अंक हासिल किए
इस वर्ष परिणाम पूरी तरह से उत्कृष्टता से भरा रहा—
21 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक
25 विद्यार्थियों ने 80–89%
20 विद्यार्थियों ने 70–79%
20 विद्यार्थियों ने 60–69%
कुल मिलाकर:
90%+ : 21 विद्यार्थी
85%+ : 34 विद्यार्थी
80%+ : 46 विद्यार्थी
75%+ : 58 विद्यार्थी
70%+ : 66 विद्यार्थी
60%+ : 86 विद्यार्थी
यह आँकड़े दर्शाते हैं कि विद्यालय में हर स्तर पर उत्कृष्टता कायम है।
विषयवार शानदार प्रदर्शन, IT में 100/100 की हैट्रिक
विषयवार प्रदर्शन भी बेहद प्रभावशाली रहा—
आईटी में 3 छात्रों ने 100/100 अंक
अंग्रेजी – 11 छात्रों ने 90+
हिंदी – 28 छात्रों ने 90+
गणित – 11 छात्रों ने 90+
विज्ञान – 13 छात्रों ने 90+
सामाजिक विज्ञान – 24 छात्रों ने 90+
आईटी – 37 छात्रों ने 90+
सब्जेक्ट टॉपर्स में प्रमुख नाम—
अंग्रेजी: अन्या केशरवानी, विभा खरे (97)
हिंदी: अरमान (97)
गणित: यश पटेल (96)
विज्ञान: रितिका देवांगन (97)
सामाजिक विज्ञान: यश पटेल (99)
आईटी: यश पटेल, जहान्वी पटेल, यथार्थ मनहर (100)
सफलता का राज: विशेष रणनीति और व्यक्तिगत मार्गदर्शन
विद्यालय की इस शानदार सफलता के पीछे एक सुनियोजित रणनीति का बड़ा योगदान रहा—
नियमित टेस्ट और विषयवार विश्लेषण
कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
व्यक्तिगत मार्गदर्शन
पेरेंट्स-प्रिंसिपल मीटिंग
निरंतर काउंसलिंग और मोटिवेशन
वाइस प्रिंसिपल डॉ. तोषी गुप्ता द्वारा विद्यार्थियों को समय-समय पर प्रेरित कर सही दिशा प्रदान की गई, जिससे उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता रहा।
शिक्षकों और अभिभावकों का मिला भरपूर सहयोग
फाउंडर डॉ. रितेश केशरवानी एवं डॉ. तोषी गुप्ता ने इस सफलता का श्रेय विद्यालय के समर्पित शिक्षकों और सहयोगी अभिभावकों को दिया। शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों का अनुशासन और अभिभावकों का विश्वास—इन तीनों के तालमेल ने यह ऐतिहासिक परिणाम संभव बनाया।
निष्कर्ष: मेहनत, अनुशासन
और मार्गदर्शन का बेहतरीन उदाहरण
मोना स्कूल, सारंगढ़ की यह सफलता सिर्फ एक परिणाम नहीं, बल्कि यह साबित करती है कि सही दिशा, कड़ी मेहनत और मजबूत नेतृत्व से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
यह उपलब्धि आने वाले वर्षों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है।






