मनरेगा की सौगात: पक्की सिंचाई नाली से बदली केडार गांव की तकदीर, किसानों के चेहरे खिले…
सारंगढ़। महात्मा गांधी नरेगा योजना अब सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। गांवों में इस योजना के तहत किए जा रहे कार्यों से न सिर्फ रोजगार सृजित हो रहा है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के दिशा-निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगे हैं, जिससे सैकड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
केडार बना मिसाल: 9.99 लाख की लागत से बनी पक्की सिंचाई नाली
सारंगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत केडार इस बदलाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में मनरेगा योजना के तहत यहां 9.99 लाख रुपये की लागत से 254 मीटर लंबी पक्की सिंचाई नाली का निर्माण कराया गया।
पहले जहां किसान कच्ची नालियों के सहारे सिंचाई करते थे, वहीं अब पक्की नाली बनने से पानी का समुचित उपयोग संभव हो पाया है। यह नाली नहर के पानी को सीधे खेतों तक पहुंचा रही है, जिससे सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।
250–300 एकड़ भूमि को मिला सीधा लाभ, बढ़ी फसल उत्पादन क्षमता
इस सिंचाई नाली से ग्राम के सैकड़ों किसानों को लाभ मिल रहा है। करीब 250 से 300 एकड़ कृषि भूमि अब नियमित रूप से सिंचित हो रही है।
धान की खेती में बढ़ोतरी
सब्जी-भाजी उत्पादन को मिला बढ़ावा
खरीफ और रबी दोनों फसलों में सुधार
अब किसान साल में अधिक फसल ले पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
ग्रामीणों की मांग बनी विकास की राह, अब दिख रहा बदलाव
ग्रामवासियों ने लंबे समय से पक्की सिंचाई नाली की मांग की थी। उनकी जरूरत को समझते हुए जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा इस कार्य को स्वीकृति दी गई।
आज वही नाली गांव के विकास की नई कहानी लिख रही है। किसान अब नहर के पानी का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं और खेती में आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं।
मनरेगा: रोजगार के साथ समृद्धि की नई पहचान
मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे ऐसे कार्य यह साबित करते हैं कि यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो, तो वे ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव ला सकती हैं।
केडार गांव की यह सफलता कहानी न केवल अन्य गांवों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह दर्शाती है कि विकास की असली तस्वीर अब गांवों में नजर आने लगी है।

