ब्लैक कॉफी, ग्रीन टी या माचा.तीनों में क्या है बेस्ट? ये रहा जवाब…
किसी की अपनी फेवरेट ड्रिंक होती है और ये उनकी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन जाती है. इनमें अधिकतर ड्रिंक्स हेल्दी होती हैं और हेल्थ बेनिफिट्स की वजह से लोग इन्हें अपने रूटीन का हिस्सा बनाते हैं.
कुछ लोग ब्लैक कॉफी पसंद आती है क्योंकि ये स्ट्रांग होती है और हमें एनर्जेटिक रखती है. वहीं कुछ को माचा टी पसंद होती है क्योंकि इसे बनाए जाने का तरीका भी माइंड को रिलैक्स करता है. ऐसे भी लोग हैं जो ग्रीन टी को पीते हैं क्योंकि ये हर्बल टी है. आयुर्वेद के लिहाज से ये शरीर को दोगुने फायदे पहुंचाती है. अब सवाल है कि इन तीनों चीजों की ड्रिंक हमारी गट हेल्थ पर क्या असर डालती है?
वैसे गट हेल्थ पर फोकस करना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये हमारे दिमाग, इम्यून और स्किन यानी शरीर के अमूमन हर हिस्से पर अपना असर डालती है. अगर ये बिगड़ी हुई है तो कई दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स के होने का खतरा बढ़ जाता है. दरअसल, आप जो भी खाते या पीते हैं उसका असर आपकी गट पर पड़ता है इसलिए जिन भी चीजों का सेवन करें उनके बारे में ठीक जानकारी होना जरूरी है. ये जानें कि इनका पाचन पर क्या असर पड़ता है और कौन सी ड्रिंक सबसे ज्यादा फायदेमंद है?
ब्लैक कॉफी ।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लैक कॉफी से गट मोटिलिटी बेहतर बनती है. इससे गैस्ट्रिक एसिड पर असर पड़ता है जिससे पाचन तंत्र ठीक से खाने को पचा पाता है. इसे अगर रोजाना ठीक मात्रा में पिया जाए तो पेट साफ करने में भी हेल्प मिलती है. जिन लोगों को अक्सर कब्ज की प्रॉब्लम परेशान करती है उन्हें रोज ब्लैक कॉफी पीनी चाहिए क्योंकि ये हमारे शरीर में जमी गंदगी को बाहर करती है. जिन लोगों को पहले से GRED, ग्रैस्टिक या आईबीएस हो उन्हें एक्सपर्ट की सलाह पर ही ब्लैक कॉफी को पीना चाहिए.
ज्यादा कैफीन से पेट में एसिड का प्रोडक्शन बढ़ सकता है जिससे सीने में जलन या ब्लोटिंग की शिकायत हो सकती है. इन लक्षण वालों को बिना एक्सपर्ट की एडवाइस के ब्लैक कॉफी को नहीं पीना चाहिए.
ग्रीन टी ।
वेट लॉस या वेट मैनेजमेंट के लिए ग्रीन टी को पीना सबसे अच्छा माना जाता है. ये गुड बैक्टीरिया को बढ़ाकर हमारे गट माइक्रोबायोम को फायदा पहुंचाती है. एंटीइंफ्लामेटरी होने के साथ-साथ इसमें पॉलीफेनॉल्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट भी होता है जिससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं. क्रोनिक इंफ्लामेशन की वजह से शरीर में कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है और ग्रीन टी की प्रॉपर्टीज इस तरह की प्रॉब्लम से लड़ने में बेहद कारगर है. वैसे देखा जाए तो ब्लैक कॉफी के मुकाबले इसे पीना थोड़ा ज्यादा सही है क्योंकि इसमें कैफीन कम होता है. जिन्हें एसिड से जुड़ी प्रॉब्लम हो ये उनके लिए भी सूटेबल है लेकिन सही मात्रा में सेवन जरूरी है.
माचा टी ।
इस ग्रीन ड्रिंक को पीने का तरीका आजकल काफी पॉपुलर हो गया है. ये एक जापानी ड्रिंक है जिसे ग्रीन टी के पाउडर से तैयार किया जाता है. ये कई पोषक तत्वों से भरपूर है और इससे शरीर कई फायदे मिलते हैं. इसमें कैटेचिन और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड होते हैं. इसमें एल-थिएनाइन नाम का अमीनो एसिड होता है जो बॉडी को नेचुरली रिलैक्स करता है. इससे तनाव कम होता है. इसका सेवन हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम को भी बेहतर बनाता है. अगर इसका ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए तो एसिडिटी की दिक्कत हो सकती है.
ग्रीन टी- माचा या ब्लैक कॉफी… तीनों में क्या है बेहतर?
देखा जाए तो जिन्हें कब्ज हो या कैफीन ज्यादा नुकसान न करता हो उन्हें ब्लैक कॉफी को मॉडरेट तरीके से पीना चाहिए. जिन्हें एसिडिटी रहती है उनके लिए ग्रीन टी काफी हद तक बेहतर ऑप्शन है लेकिन इसका रूटीन फॉलो करना है तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. वैसे हेल्दी बनने या वेट लॉस के लिए इन ड्रिंक्स को चमत्कारी मान लेना सॉल्यूशन नहीं है. इसके लिए आपको फाइबर से भरपूर और बैलेंस डाइट के तरीके को अपनाना चाहिए.
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