सारंगढ़। जिले में चलाए जा रहे मोतियाबिंद मुक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता सामने आई है। वर्ष 2024-25 में चिन्हांकित कुल 1289 मरीजों (दोनों आंखों से 304 एवं एक आंख से 985) के सफल ऑपरेशन के बाद आज विशेषज्ञ टीम द्वारा उनका व्यापक सत्यापन किया गया।
इन सभी मरीजों का ऑपरेशन जिला चिकित्सालय रायगढ़, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायगढ़ तथा रायपुर के प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में किया गया था। शासन के नियमों के अनुसार, दोनों आंखों के सफल उपचार के बाद मरीजों को मोतियाबिंद मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
रायगढ़ से आई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जिले के तीनों ब्लॉकों में जाकर मरीजों के घर-घर पहुंचकर उनकी स्थिति का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान यह जांचा गया कि ऑपरेशन के बाद मरीजों की दृष्टि में कितना सुधार हुआ है और कहीं कोई समस्या तो नहीं है।
सत्यापन के दौरान अधिकांश मरीजों ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि ऑपरेशन के बाद उनकी जिंदगी में फिर से रोशनी लौट आई है और वे अब सामान्य जीवन बेहतर तरीके से जी पा रहे हैं। विशेषज्ञ टीम ने भी पाया कि अधिकतर ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहे हैं और मरीजों की आंखों में स्पष्ट दृष्टि बनी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को पूर्ण रूप से मोतियाबिंद मुक्त बनाना है। सत्यापन रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद जल्द ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त घोषित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
अभियान की निरंतरता को देखते हुए वर्ष 2025-26 में भी 2556 से अधिक मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं। वहीं, स्कूली बच्चों में दृष्टि दोष की पहचान कर 776 बच्चों को चश्मा वितरण किया गया है।
वर्तमान में जिले में स्वास्थ्य सर्वे का कार्य जारी है, जिसके माध्यम से नए मरीजों की पहचान कर उनका भी उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास न केवल लोगों की आंखों की रोशनी लौटा रहा है, बल्कि उनके जीवन में नई उम्मीद और खुशहाली भी ला रहा है।
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