“सेवा, संवेदनशीलता और संकल्प का संगम” – डॉ. दीपक जायसवाल ने बदल दी जिला अस्पताल की तस्वीर…
सारंगढ़ |
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साझा प्रयासों ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई क्रांति ला दी है। माननीय कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के कुशल नेतृत्व और सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल की दूरदर्शिता के चलते जिला चिकित्सालय अब जनसेवा का एक आदर्श केंद्र बनकर उभर रहा है।
आंकड़ों में झलकती ऐतिहासिक उपलब्धि
14 मई 2025 को मेडिकल/दिव्यांग बोर्ड के पुनर्गठन के बाद से अस्पताल ने सेवा के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
1401 दिव्यांग एवं फिटनेस प्रमाण पत्र रिकॉर्ड समय में जारी
दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका
युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को त्वरित सुविधा
यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि आमजन के प्रति संवेदनशीलता का भी परिचायक है।
‘नो वेटिंग’ व्यवस्था से मिली बड़ी राहत
पहले जहां यह सुविधा महीने में केवल एक दिन (दूसरे शनिवार) उपलब्ध थी, वहीं अब डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में इसे पूरी तरह बदल दिया गया है।
अब हर बुधवार को मेडिकल बोर्ड की बैठक
महीने में 4-5 बार सेवा उपलब्ध
लंबी कतारों और इंतजार से छुटकारा
पारदर्शिता और कार्यक्षमता में जबरदस्त सुधार
इस बदलाव ने आम नागरिकों के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है।
कलेक्टर के विजन को जमीन पर उतारा
माननीय कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं का सरलीकरण संभव हो पाया है। अब लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अन्य जिलों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ता।
बुधवार को आयोजित विशेष बोर्ड में विशेषज्ञों की टीम मौके पर ही आवेदनों का निराकरण कर रही है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।
गांव-गांव तक पहुंचेगी सुविधा
डॉ. दीपक जायसवाल की पहल पर अब स्वास्थ्य सेवाएं ब्लॉक स्तर तक पहुंचाई जा रही हैं—
06 अप्रैल 2026 – सीएचसी बरमकेला
10 अप्रैल 2026 – सीएचसी बिलाईगढ़
इन शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचकर लाभ लेने की अपील की गई है।
सेवा ही लक्ष्य – डॉ. दीपक जायसवाल
“हमारा उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले महीने में एक दिन होने से लोगों को परेशानी होती थी, अब हर बुधवार को सुविधा देकर हम आमजन को राहत दे रहे हैं। जिला प्रशासन दिव्यांगों और युवाओं की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
निष्कर्ष: बदलाव की मिसाल बने डॉ. जायसवाल
डॉ. दीपक जायसवाल ने अपने कार्यों से यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और सोच जनहित की हो, तो सरकारी व्यवस्थाएं भी आम जनता के लिए वरदान बन सकती हैं।
आज सारंगढ़ जिला चिकित्सालय सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि भरोसे और सेवा का प्रतीक बन चुका है।


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