छत्तीसगढ़:माओवाद को बड़ा झटका, 25 लाख के इनामी कमांडर पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण…
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है. पापाराव समेत 18 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.
पुलिस के अनुसार पापाराव बस्तर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी वरिष्ठ कमांडर था, जिसके सरेंडर को नक्सल विरोधी अभियान में निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य था और साउथ सब जोनल ब्यूरो का प्रभारी भी रह चुका है. उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसके साथ आत्मसमर्पण करने वालों में डिविजनल कमेटी के सदस्य प्रकाश माड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे.
छत्तीसगढ़ पुलिस के बयान के अनुसार, सभी 18 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. पुलिस ने इसे बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक “निर्णायक सफलता” बताया है. अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार है जब दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन प्रभावी नेतृत्व से लगभग खाली हो गया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की दबावपूर्ण कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते नक्सलियों का मनोबल कमजोर हुआ है. यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में कैडर आत्मसमर्पण कर रहे हैं.
अधिकारियों का यह भी कहना है कि अभी कुछ छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय नक्सली बचे हैं, लेकिन उन्हें भी जल्द आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में वे भी मुख्यधारा में लौटेंगे.
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया तय नियमों के तहत पूरी की जाएगी. उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और समाज में पुनर्स्थापित होने के लिए जरूरी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.
इस घटनाक्रम को बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित इस इलाके में अब हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं और प्रशासन का दावा है कि बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य धीरे-धीरे साकार हो रहा है.
