छत्तीसगढ़:खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई, बिना लाइसेंस कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्री सील…
कोरबा। गर्मी के मौसम के आते ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की बिक्री बढ़ जाती है। इस डिमांड को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी लगातार फैक्ट्रियों और उत्पादन केंद्रों की जांच कर रहे हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत की टीम ने शहरी क्षेत्र में संचालित कुछ आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। टीम सबसे पहले दादर एरिया स्थित सुनीता बेवरेजेस और रजगामार रोड स्थित ममता इंडस्ट्रीज पहुंची। इन दोनों फैक्ट्रियों में आइसक्रीम का उत्पादन होता है। जांच में पाया गया कि दोनों फैक्ट्रियों के लाइसेंस वैध हैं। हालांकि, पानी की गुणवत्ता और उत्पादन प्रक्रिया की जांच के लिए टीम ने दोनों फैक्ट्रियों से पानी के सैंपल कलेक्ट किए। अधिकारी ने बताया कि सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पानी और उत्पाद की गुणवत्ता का वास्तविक आंकलन किया जाएगा। इसी दौरान टीम ने शहर के मध्य स्थित डिगापुर वार्ड नं 36 में पीयूष डिस्ट्रीब्यूटर (पेप्सिको कंपनी) की कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया।
इस फैक्ट्री में स्लाइस फ्रूट जूस और ट्रॉपिकाना अमरूद जूस का उत्पादन किया जाता है। जांच में पाया गया कि फर्म का लाइसेंस मान्य नहीं था। नियमों का उल्लंघन होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तुरंत फैक्ट्री को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है और उत्पाद के सैंपल लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत ने बताया कि आइसक्रीम फैक्ट्रियों से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, बिना लाइसेंस संचालित कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्री के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने सभी फैक्ट्रियों और व्यापारियों से अपील की कि वे वैध लाइसेंस के साथ ही संचालन करें और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन करें। गर्मी के मौसम में कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की मांग अधिक होने के कारण कई जगह नकली या गुणवत्ता रहित उत्पाद बाजार में पहुंच सकते हैं। ऐसे में खाद्य विभाग की लगातार निरीक्षण कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद ही मिलें। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी किसी भी गड़बड़ी या नियम उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की निरीक्षण कार्रवाई से न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि वैध और गुणवत्ता वाले उत्पाद का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों के लिए भी सकारात्मक संदेश जाता है। अधिकारियों ने कहा कि सील की गई फैक्ट्री को केवल लाइसेंस और मानक पूरा करने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
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