सारंगढ़। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि वह छात्र के व्यक्तित्व को गढ़ने वाला शिल्पकार भी होता है। इसकी जीवंत मिसाल पेश की है विकास खण्ड सारंगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा में पदस्थ प्रधान पाठक प्रियंका गोस्वामी ने। हाल ही में उन्होंने सराईपाली संकुल का दौरा कर छात्र-छात्राओं के बीच न केवल शिक्षा की अलख जगाई, बल्कि अपने मोटिवेशनल स्पीच (प्रेरक उद्बोधन) से बच्चों में नया उत्साह भर दिया।

भावुक हो उठी छात्रा: शब्दों का दिखा गहरा प्रभाव

प्रियंका गोस्वामी ने अपने वक्तव्य में कहा कि, “एक आदर्श शिक्षक वही है जो सदैव अपने शिष्यों को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करे।” उनके ओजस्वी और स्नेहपूर्ण शब्दों का बच्चों पर इतना गहरा प्रभाव पड़ा कि एक होनहार छात्रा भावुक हो उठी और उसने शिक्षिका से पुनः स्कूल आने का आग्रह किया। प्रियंका जी को बाल मन को समझने वाली और जमीन से जुड़ी शिक्षिका के रूप में जाना जाता है।
शिक्षा के प्रति किया जागरूक, बांटी शिक्षण सामग्री-
बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक सामग्री का वितरण भी किया गया। उन्होंने बच्चों को बताया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे वे अपने और अपने परिवार के सपनों को साकार कर सकते हैं।
संकुल समन्वयक ने जताया आभार
शिक्षिका की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए संकुल समन्वयक चन्द्र किशोर नायक ने उन्हें बधाई दी और आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से शासकीय विद्यालयों के प्रति बच्चों और अभिभावकों का विश्वास बढ़ता है।
- “एक दिन में मिलेगा न्याय!” — 9 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत, मौके पर सुलह से निपटेंगे हजारों मामले… - April 29, 2026
- “गांव-गांव पहुंचेगा प्रशासन, मौके पर होगा समाधान!” — सारंगढ़ में ‘सुशासन तिहार 2026’ का बड़ा ऐलान… - April 29, 2026
- पट्टा मिला… पर नक्शे में नाम गायब! किसान पहुंचे कलेक्टर दरबार, न्याय की लगाई गुहार… - April 29, 2026
