सारंगढ़-बिलाईगढ़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ताराचन्द देवांगन ने इसे पूरी तरह से फीका और जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेरने वाला है।

महंगाई और बेरोजगारी पर चुप्पी-
जिलाध्यक्ष ताराचन्द देवांगन ने कहा कि बजट में देश के सबसे ज्वलंत मुद्दों—महंगाई और बेरोजगारी—पर कोई ठोस योजना नहीं दिखी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल अर्थव्यवस्था के बढ़ते आंकड़ों से युवाओं को रोजगार मिल जाएगा? देवांगन के अनुसार, रोजगार सृजन के लिए किसी विशेष रोडमैप का अभाव बजट की सबसे बड़ी विफलता है।
बजट के मुख्य बिंदु और कांग्रेस की आपत्ति-
1- पहली बार रविवार को बजट: इतिहास में पहली बार रविवार को बजट पेश किया गया, लेकिन इस नवाचार के बावजूद सामग्री में नयापन गायब रहा।
2- ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अनदेखी: बजट में ग्रामीण भारत की आर्थिक स्थिति को सुधारने या किसानों और मजदूरों को राहत देने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
3- स्पष्टता का अभाव: वित्त मंत्री के 90 मिनट के भाषण के बाद भी विभिन्न योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
4- आंकड़ों में उलझाने की कोशिश: देवांगन ने नीति निर्माण में समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला के तत्काल बाद संशोधित आंकड़े पेश करना संदेहास्पद है।
जनता के साथ छलावा-
ताराचन्द देवांगन ने कड़े शब्दों में कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है। “आर्थिक वृद्धि” का दावा खोखला है जब तक उसका लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक न पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस बजट के माध्यम से देश की जनता को एक बार फिर ठगने का काम किया है।
- साउथ अफ्रीका से हारते ही फंसा पेच! अब कैसे सेमीफाइनल में पहुंचेगी टीम इंडिया? समझें पूरा समीकरण… - June 22, 2026
- छत्तीसगढ़ में ISI का संदिग्ध पकड़ाया, किरायेदार बनकर रह रहा था, पुलिस को फोन में मिले कई अहम सबूत… - June 22, 2026
- शिव संग कुत्ता पूजे, अनोखी है ‘कुकुरदेव मंदिर’ की कहानी… - June 22, 2026


