सारंगढ़-बिलाईगढ़/विकासखंड बिलाईगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला पथरिया में शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी यह स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चलता था, जिससे बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति दोनों पर असर पड़ता था, लेकिन अब शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत यहां एक अतिरिक्त शिक्षक की पदस्थापना होने से विद्यालय में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। वर्तमान में विद्यालय में कुल 24 बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले जहां शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाओं का संचालन बाधित होता था, वहीं अब दो शिक्षकों की मौजूदगी से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है। शिक्षक बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान देकर पढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी समझने की क्षमता और पढ़ाई में रुचि बढ़ी है।
गांव के ग्रामीण परसराम सोनी ने बताया कि पहले केवल एक शिक्षक होने के कारण विद्यालय की स्थिति कमजोर थी। बच्चों की उपस्थिति कम थी और पालक भी स्कूल भेजने में रुचि नहीं लेते थे, लेकिन अब जब दो शिक्षक पदस्थ हैं, तो विद्यालय में अनुशासन, पढ़ाई का माहौल और बच्चों की सक्रियता तीनों में परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
विद्यालय के प्रधान पाठक नमिता अजय ने बताया कि अब कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। बच्चे नियमित रूप से उपस्थित हो रहे हैं और खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। शिक्षकों की संख्या बढ़ने से न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरा है बल्कि विद्यालय मे बच्चों की संख्या भी बेहतर हुई है पहले इस स्कुल मे 15 बच्चे थे शिक्षक मिलने पर 9 बच्चों की संख्या बढ़ी है अभी टोटल 24 बच्चे है।
पथरिया गांव की निर्मला निराला ने बताया कि शासन और शिक्षा विभाग का आभार जताते हुए कहा कि युक्तियुक्तकरण नीति से गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिला है। अब पथरिया स्कूल फिर से जीवंत हो उठा है, जहां पहले सन्नाटा छाया रहता था, अब वहां बच्चों की हंसी और पढ़ाई की आवाज गूंज रही है।
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