सारंगढ़ में 145 परिवारों ने सनातन धर्म में की घर वापसी..प्रबल प्रताप जूदेव ने गंगाजल से पाँवपखार कर कराया हिन्दू धर्म में वापसी…सनातन धर्म हमारी आत्मा है – संजय भूषण पाण्डेय घर वापसी अर्थात खोई हुई पहचान की वापसी – ज्योति पटेल
सारंगढ़ बिलाईगढ़: जिले में प्रलोभलन देकर धर्मान्तरण का आरोप लगया गया है कुछ ऐसा ही वाक्या वर्षो पहले जशपुर सरगुजा एवं बस्तर के भोलेभाले जनता के साथ घटित हो चुकी है, लेकिन अब कुछ लोग गंभीर बीमारी का ईलाज प्रार्थना झाडफूँक एवं अन्य प्रलोभनो द्वारा सारंगढ़ एवं रायगढ़ के मासूमों को भी धर्म परिवर्तन हेतु बाध्य कर रहे हैं ऐसा सूत्रों का दावा है।
इसी के मद्देनज़र सारंगढ़ के गोडम में विराठ हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया था था, जिसमे अखिल भारतीय घर वापसीके प्रमुख प्रबल प्रताप जूदेव द्वारा लगभल 145 परिवार को सनातन धर्म में वापसी कराई है।
लगभग 145 धर्मांतरित हिंदुओं ने “घर वापसी” के माध्यम से फिर से हिंदू धर्म अपनाया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उन लोगों को वापस हिंदू धर्म में शामिल किया जाता है जिन्होंने पहले किसी और धर्म को अपना लिया था।
आखिर क्या है “घर वापसी”
प्रबल प्रताप जूदेव के अनुसार भारत को लंबे समय तक गुलामी का दंश झेलना पड़ा। यहाँ तक कि आज़ादी के बाद भी विदेशी शासन का बढ़ चढ़कर महिमामंडन किया जाने लगा, जिसका भारतीयों के मनोलबल और उनकी आत्म-छवि पर गहरा असर पड़ा।
इसका नतीजा यह हुआ कि कई भारतीयों में अपनी संस्कृति को लेकर उलझन और हीनता की भावना घर कर गई। उनका आत्मविश्वास चूर-चूर हो गया। आत्म-गौरव की धज्जियाँ उड़ गईं। भारत के सभ्यतागत मूल्यों पर लगातार हमला होता गया जिसका परिणाम यह निकला कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और जड़ों को लेकर लोग असमंजस की स्थिति में पड़ गये। यानी एक तरह का पहचान संकट खड़ा हो गया।
यह संकट उन लोगों के लिए और भी बड़ा है जिन्हें जबरन या बहला-फुसलाकर धर्म बदलने पर मजबूर किया गया—चाहे वह हिंसक हथकंडों के माध्यम से हुआ हो, धमकी के माध्यम से, या फिर पैसों और अन्य सुविधाओं का लालच देकर। इसी सांस्कृतिक उलझन और मानसिक असुरक्षा की पृष्ठभूमि में ‘घर वापसी’ यानी अपने मूल धर्म में लौटने की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
घर वापसी करने वालों ने बताया कि बहकावे में आकर धर्मांतरण: कुछ लोग कहते हैं कि वे बहकावे या गलत जानकारी के कारण दूसरे धर्मों में शामिल हो गए थे और अब वे वापस लौटना चाहते हैं।
सनातन धर्म हमारी आत्मा है – संजय भूषण पाण्डेय
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म सभी धर्मों से श्रेष्ठ है क्योंकि ये सर्वें भवन्तुः सुखिनः के सिद्धांत पर कार्य करता है हमें सनातन के रक्षा हेतु हमेशा खड़ा रहना पड़ेगा, अपने बच्चों को रामायण गीता का ज्ञान देकर संस्कार वान बनाने पर जोर देना होगा। हम क़भी किसी अन्य धर्म के मानने वालों को प्रलोभन या डराकर हिन्दू नही बनाते यही हमारे धर्म की विशेषता है।

घर वापसी खोई हुई पहचान की वापसी – ज्योति पटेल
भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल ने कहा
घर वापसी केवल धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक पुनर्जागरण है, यह उन लाखों भारतीयों की आत्मचेतना की वापसी है, जो अब आस्था, पहचान और आत्मगौरव के साथ अपनी सभ्यता की जड़ों की ओर लौट रहे हैं।
उपरोक्त कार्यक्रम में ज्योति पटेल जी जिला अध्यक्ष, संजय भूषण पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष, केरा बाई मनहर, पूर्व विधायक भारत जटवार जीवन लाल रातरे, मंडल अध्यक्ष हरि शंकर निराला, पत्रकार रवि तिवारी, समीर सिँह ठाकुर एवं सैंकड़ो जन शामिल हुए।

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