छत्तीसगढ़ में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मचारियों की हड़ताल अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देर रात स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने सभी जिलों के सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) को सख्त निर्देश दिए हैं कि जो भी कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें गुरुवार यानि आज ही व्यक्तिगत कानूनी आदेश जारी कर बर्खास्त कर दिया जाए।

इसके साथ ही सभी जिलों को खाली हुए पदों की सूची तैयार करने और तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने साफ कहा है कि भर्ती का कैलेंडर सख्ती से तय होगा और किसी भी हालत में सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।
आज “जेल भरो आंदोलन” का ऐलान
सरकार के इस आदेश से हड़ताली कर्मचारियों में खलबली मच गई है। वहीं दूसरी ओर एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सरकार के कड़े रुख का जवाब देने के लिए आज “जेल भरो आंदोलन” का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि जब तक उनकी नियमितीकरण, वेतनमान और सेवा सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेशभर में करीब 18 अगस्त से 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद हजारों संविदा कर्मचारियों की नौकरी पर अब तलवार लटक गई है।
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