जगन्नाथ बैरागी

सारंगढ़। नवीन सारंगढ़ जिला घोषणा होते ही सारंगढ़-बरमकेला अंचल में खुशियां उफान पर थी, लोगों को लगने लगा था कि मानो उनके वर्षों की मन्नत पूरा हो गया। लेकिन ख़ुशियों को ग्रहण तब लग गया जब प्रदेश के मुखिया ने कहा की बहुत से मुख्यालय बिलाईगढ़ में भी रहेगी। तब से शुरू हुआ लोगों में नाराजगी का दौर, ये नाराजगी अपनी जगह में वाज़िब भी थी, सीधा सा मतलब था जनता के सपनो के साथ छेड़छाड़ कर अधूरे रास्ते मे साथ छोड़ देना। क्योंकि अगर मुख्यालय का बंटवारा हुवा तो सारंगढ़ की जनता को जिला निर्माण का पूर्ण फायदा मिलना मुमकिन ही नही है। ये तो वही कहावत हुवी जैसे किसी को मिठाई का डिब्बा तो दे दिये लेकिन उसमें मिठाई आधा टुकड़ा ही हो। क्या वर्षों के सँघर्ष का यही परिणाम की लोगों को भागमभाग ही करनी पड़े।


सारंगढ़ में ही हो समस्त मुख्यालय-सोनी अजय बंजारे
वर्तमान पार्षद और लोकप्रिय समाजसेविका ने बताया कि सारंगढ़ की प्रत्येक जनता को जिला बनने का हक और फायदा मिलना ही चाहिए। क्योंकि अगर आरटीओ सहित प्रमुख मुख्यालय में प्रत्येक जनता का काम पड़ता है है ऐसे मे जनता को अगर 50-60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी तो ये सारंगढ़ की जनता के साथ अन्याय ही होगा। और सारंगढ़ में मुख्यालय होगा तो बरमकेला-कोसीर-सरिया-सरसींवा के समस्त जनता को भी स्पस्ट फायदा होगा, क्योंकि सारंगढ़ दूरी हिसाब से समस्त ब्लॉकों के मध्य में स्थित है। और अभी विपक्षियों के भड़कावे में आकर आम जनता को सारंगढ़ जिला विरोधी बनाने वाले तथाकथित नेताओं की मंशा पर भी पानी फिर जायेगी।

सारंगढ़ की जनता के जरूरतों पर हो फोकस-
सोनी अजय बंजारे ने आगे कहा कि सारंगढ़ की जनता वर्षों से जिला मांग को लेकर संघर्षरत रही है। क्योंकि हर छोटे-बड़े कामो को लेकर उन्हें रायगढ़ जाना पड़ता था। अगर अभी भी उन्हें सारंगढ़ जिला बनने के पश्चात भी समस्याओं का सामना करना पड़े तो ये उचित नही होगा। क्योंकि भले ही सबको कलेक्टोरेट में काम पड़े या न पड़े लेकिन हर अमीर-गरीब को आरटीओ में काम पड़ेगा ही।
सरिया-बरमकेला-कोसीर-सरसींवा को होगी सहूलियत-
जब सारंगढ़ जिले की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था तो सारंगढ़ के साथ-साथ बरमकेला और सरिया में भी पटाखे फूटे थे,मिठाईयां बंटी थी। परन्तु जैसे ही आरटीओ सहित कुछ विभाग का मुख्यालय बिलाईगढ़ में होगा कहकर कहा गया, तभी से सारंगढ़ जिला और रायगढ़ जिला में रहने की राजनीति जोर पकड़ने लगी। लोगों को बरगलाया गया कि 90 किलोमीटर की यात्रा, जंगल पार और तरह तरह की बातों से भड़काया गया, अफवाह फैलाई गयी।

इन सब समस्याओं का एक ही उपाय है कि समस्त मुख्यालय सारंगढ़ में ही हो। अतः विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े,अरुण मालाकार सहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सादर अनुरोध है कि समस्त मुख्यालय सारंगढ़ में ही रखे जायें।
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