पेरिस: फ्रांस में वर्साय के पैलेस में संसद के एक संयुक्त सत्र में फ्रांसीसी सांसदों ने संविधान में गर्भपात के अधिकार को सुनिश्चित करने लाये गए विधेयक को मंजूरी दे दी है। विधेयक को सोमवार को 780-72 वोटों के भारी बहुमत से मंजूरी दी गई, और लगभग पूरे संयुक्त सत्र में सत्र लंबे समय तक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खड़ा रहा। गौरतलब हैं कि फ्रांस गर्भपात को संवैधानिक अधिकार का दर्जा देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

संसद में हुई वोटिंग
सीएनएन के मुताबित, फ्रांस की संसद में इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया गया है। विधेयक को 780-72 मतों से मंजूरी दी गई है। इससे पहले राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को गर्भपात का संवैधानिक अधिकार देने का वादा किया था।

इस ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रधानमंत्री गेब्रियल अटाल ने पेरिस में वर्सेल्स पैलेस में एकत्र हुए सांसदों और सीनेटरों से कहा कि हम सभी महिलाओं को एक संदेश भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शरीर उनका है और कोई भी उनके बदले निर्णय नहीं ले सकता है।
मालूम हो कि अमेरिका और कई अन्य देशों की तुलना में फ्रांस में गर्भपात के अधिकारों को बहुत अधिक स्वीकार्यता प्राप्त है। फ्रांस की करीब 80 प्रतिशत आबादी इस तथ्य का समर्थन करती है कि उनके देश में गर्भपात कानूनी है।
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