“जो आदिवासी मतांतरित हो चुके हैं उन्हें अनुसूचित जनजाति की सुविधाएं, लाभ नहीं मिलना चाहिए” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
विष्णुदेव साय ने कहा कि वह आदिवासी समाज को अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मतांतरित हुए लोगों को आरक्षण का लाभ मिलने वाले सूची से हटाने (डी- लिस्टिंग) का समर्थन करते हैं।
साय ने दावा किया कि मंतातरित तबके के लोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त आरक्षण के 70 प्रतिशत तक का लाभ ले रहे हैं। यह आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। इसके खिलाफ आदिवासियों को गोलबंद होने की जरूरत है तभी मतांतरितों को आरक्षण के लाभ से वंचित किया जा सकता है। साय ने कहा कि जो आदिवासी मतांतरित हो चुके हैं उन्हें अनुसूचित जनजाति की सुविधाएं, लाभ नहीं मिलना चाहिए।
मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि कुनकुरी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध मतांतरण होता था। गो हत्या होती थी, लेकिन जशपुर राजपरिवार के दिलीप सिंह जूदेव के अथक प्रयासों से मतांतरितों लोगों की सनातन संस्कृति में घर वापसी का अभियान चलाया गया। राजपरिवार से होने के बावजूद उनके द्वारा मतांतरित लोगों के चरण पखार कर उनको सनातन में पुनः वापस लाया गया। मुख्यमंत्री साय ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में मतांतरण जोर-शोर से चल रहा था, जिसकी हमने शिकायतें कर चिंता ज़ाहिर की थी। ऐसे नियम बनाए जाने की आवश्यकता जताई थी जिससे अवैध मतांतरण पर रोक लगे।
पिछली सरकार में गोबर घोटाला भी हुआ
मीडिया से चर्चा के बाद इंटरनेट मीडिया एक्स पर मुख्यमंत्री ने कई पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए लिखा कि यह पूरे देश को हैरान करने वाली बात है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गोबर खरीदी में घोटाला हुआ था। यह बड़ी विडंबना है कि बिहार के चारा चोर नेता की तरह छत्तीसगढ़ में भी गोबर चोर होने का ठप्पा एक राजनेता पर लगा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए बड़े-बड़े घोटालों जैसे कोयला घोटाला, शराब घोटाला में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। सीजीपीएससी घोटाले की जांच का जिम्मा हमारी सरकार ने सीबीआइ को सौंपने का निर्णय लिया है। जल्द ही इसके दोषी भी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने लिखा कि कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करहि तस फल चाखा।
नक्सली विकास विरोधी: सीएम
सीएम साय ने कहा कि नक्सली विकास विरोधी हैं। इसलिए बौखलाए हुए हैं और कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। इसके बावजूद हमारे वीर जवानों के हौसले बुलंद हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। इन कैंपो का उद्देश्य आदिवासी दुर्गम इलाकों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना, उनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं बेहतर रोड कनेक्टिविटी लाकर विकास करना है। हम नक्सलवाद की समस्या को छत्तीसगढ़ से जड़ से उखाड़ने के लिए तत्पर हैं।
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