रायगढ़: जान हथेली में रखकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे….विकास में दावे की खुली पोल…
रायगढ़। जिले की खस्ताहाल सड़कें विकास के दावों की पोल खोल रही हैं आलम यह है कि कहीं सड़क पर गड्ढा तो कहीं गड्ढे में सड़क हो गई है, जिसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर चेत नहीं कर रहे है। हैरत की बात तो यह है कि जिले में सभी कांग्रेस पार्टी के ही विधायक और मंत्री है। प्रदेश सरकार में जिला का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद सड़कें बदहाल पड़ी हैं। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा होता न देख क्षेत्रीय जनता भी अपने को ठगा महसूस कर रही है।

मानसून के दस्तक देते ही अधिकांश सड़कों पर पैदल निकलना भी दूभर हो हो गया है। खराब सड़कों की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही है, कहीं 1 किलोमीटर तक लंबी जाम लग रही है तो कहीं गाड़ियां सड़कों से नीचे उतर जा रही है। सड़कों पर घुटने भर से भी ज्यादा खाई नुमा गड्ढा बन चुका है जिसके वजह से आए दिन हैवी गाड़ियों के पहिये गड्ढों में फंस रहे है।
औद्योगिक नगरी कहे जाने वाले रायगढ़ जिले में सड़क की जर्जर स्थिति किसी से छिपी नहीं है सड़कों पर बन चुके मौत के गड्ढों में पहिया पढ़ने के बाद दुपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं और पहियों तले दबकर बेमौत मारे जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा उद्योग तमनार क्षेत्र में, पर दुख की बात सब से जर्जर सड़क भी तमनार क्षेत्र में…
अगर बात की जाए उद्योगों की तो जिले में सबसे ज्यादा उद्योग तमनार क्षेत्र में स्थित है। जहां अदानी, हिंडालको, जिंदल, अंबुजा सीमेंट, एसईसीएल जैसी अरबपति कंपनियां स्थापित है , परंतु यहां की बदहाल सड़क व्यवस्था मानव समाज को झगझोरने वाली है। सड़क पर दौड़ने वाली हैवी गाड़ियों की वजह से सड़क जगह-जगह से टूटने लगी है। सड़कों पर गड्ढे बन चुके हैं। लोग बाग पहियों तले दबकर बेमौत मारे जा रहे हैं परंतु सड़क निर्माण की ओर प्रशासनिक अमला के अलावा भी किसी भी कंपनी के अधिकारियों के द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अस्तित्व खो चुकी हुंकराडिपा से लमडांड के बीच की सड़क–
औद्योगिक ख्वाबों के बीच इस क्षेत्र के रहवासियों को इन दिनों जर्जर सड़क की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों को अपनी जान हथेली में रखकर यात्रा करना पड़ रहा है। अगर बात करें इस मार्ग के बीच पढ़ने वाला गांव खुरुसलेंगा और लमडांड के बीच कि सड़क की तो यहां की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। यहां सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया है। क्षेत्रवासियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। गर्मी के दिनों में लोगों को सड़कों पर उड़ने वाली धूल के गुब्बार का सामना करना पड़ रहा है तो वही बरसात के मौसम आते ही कीचड़ व सड़कों पर बन चुके गड्ढों से मुखातिब होना पड़ रहा है।
विद्यार्थी भी हो रहे हैं काफी परेशान–
स्कूल खुलने के बाद अब विद्यार्थियों को भी खराब सड़क की स्थिति दो चार होना पड़ रहा है। प्रतिदिन उन्हें भी इस सड़क से समस्याओं का सामना करते हुए गुजरना पड़ रहा है। कीचड़ की छीटें तो कहीं सड़क पर उड़ने वाली धुल के गुबार से स्कूली ड्रेस गंदे हो रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के बच्चे धौराभाठा लिबरा , तमनार, बिजना पढ़ाई करने के लिए इसी रास्ते से गुजर कर जाते हैं जिससे उनके मन में भी यह डर बना होता है कि कहीं बच्चे भी हादसे के शिकार ना हो जाए।

ग्रामीणों की माने तो उन्होंने जर्जर सड़क की शिकायत लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अमला से गुहार लगाई है परंतु अब तक उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।

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