मध्य प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है, तो वहीं मंत्री पदों को लेकर ग्वालियर-चंबल संभाग भी कई उम्मीदें लगा बैठा है। कहा जा रहा है कि ग्वालियर चंबल से 8 मंत्री बन सकते हैं। साल 2020 में अंचल से 9 मंत्री बने थे। लोकसभा चुनाव बेहद करीब है, इसलिए बीजेपी सरकार जातीय आंकड़ों को साधकर यहां, मंत्रियों की संख्या बढ़ा सकती है। या फिर पुरानी को ही बरकरार रख सकती है।

मध्य प्रदेश में चुनाव नतीजे आने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस दौरान ग्वालियर-चंबल अंचल की स्थिति नई सरकार में भी मजबूत मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यहां सबसे ज्यादा ध्यान दिया है। ऐसे में मंत्री पदों की आस भी ज्यादा है। देखा जाए तो कांग्रेस के दिग्गजों की हार के बाद 4 नए चेहरों को मंत्री पद मिलने की संभावना है। हालांकि इस चुनाव में अंचल के 6 मंत्रियों में से 5 मंत्री चुनाव हार गए।
इन्हें मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
बीते कार्यकाल में शिवराज सरकार में कुल 9 मंत्री ग्वालियर चंबल अंचल से थे।
प्रद्युम्न सिंह तोमर, मौजूदा सरकार में मंत्री थे, उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व में मंत्री रहे हैं, इनका भी फिर से मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
एंदेल सिंह कंसाना, पूर्व में मंत्री रहे हैं, ये भी फिर मंत्री बन सकते हैं।
राकेश शुक्ला, 3 बार के विधायक हैं, ग्वालियर- चंबल से ब्राह्मण चेहरा हैं। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि ये मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।
पन्नालाल शाक्य, 2 बार के विधायक और SC जाति का बड़ा चेहरा हैं, मंत्री बन सकते है।
बृजेंद्र सिंह यादव, सरकार में मंत्री थे, फिर मंत्री बन सकते हैं।
अमरीश शर्मा, लहार सीट में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को हराया है, और मंत्री पद की लाइन में हैं। वहीं, देवेंद्र जैन ने शिवपुरी में कांग्रेस के छह बार के
विधायक केपी सिंह को हराया है। बतौर इनाम मंत्री पद मिल सकता है।
वहीं बीजेपी कह रही है कि मंत्रिमंडल पूर्व की तरह अच्छा होगा। ग्वालियर-चंबल को ज्यादा मंत्री मिल सकते हैं। जबकि कांग्रेस मंत्रियों को लेकर तंज कस रही है।
अगर मंत्रियों के नजरिए से देखा जाएं, तो विधानसभा चुनाव से पहले यहां खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। वहीं, डॉ नरोत्तम मिश्रा, महेंद्र सिसोदिया, अरविंद सिंह भदोरिया, भारत सिंह कुशवाहा और सुरेश रथ खेड़ा चुनाव नहीं जीत पाए। ऐसे में नए मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मंत्री पद मिल सकता है। 34 विधानसभा सीटों में 13 नए चेहरे हैं, तो वहीं कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्होनें कांग्रेस के अजय किले के रूप में पहचान रखने वाली विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के दिग्गजों को पटखनी दी है, जिन्हें सरकार मंत्री पद से नवाज सकती है।
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