सरकारी विभागों में कर्मचारियों का नियमितीकरण बड़ा मुद्दा बना हुआ है। 900 से अधिक सरकारी कार्यालयों में नियमित से ज्यादा अनियमित कर्मचारियों की संख्या है।
विभागों में स्वीकृत सेटअप के मुकाबले अभी भी तीन लाख से अधिक पद खाली हैं।

वहीं 7.38 लाख के करीब अनियमित कर्मचारी नियमित नहीं हो पा रहे हैं। इन सब मामलों को लेकर प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों ने मतगणना के पहले ही मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि नई सरकार गठन के बाद से ही आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

मुख्य सचिव को आंदोलन के लिए चेताया
अनियमित कर्मचारियों ने मुख्य सचिव को अपनी 10 सूत्रीय मांगों से अवगत करा दिया है। इन्होंने तीन दिसंबर के बाद बड़े आंदोलन का एलान किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने नियमितीकरण पर राजनीति का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार ने वादा पूरा नहीं किया, वहीं भाजपा ने भी गंभीरता नहीं दिखाई है। इसलिए नई सरकार के गठन के बाद से ही आक्रामक रूख अपनाने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा का कहना है कि चुनावी घोषणा-पत्र में भाजपा व कांग्रेस दोनों ने कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा नहीं की है।
2006 के बाद पदों का सेटअप नहीं हुआ रिवाइज
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 900 विभागों व संस्थानों में 2006 के बाद से राज्य सरकार ने पदों के सेटअप को रिवाइज नहीं किया है। सरकारी विभागों में वर्तमान सेटअप के आधार पर सरकारी नौकरियों के तीन लाख पद खाली हैं। प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारी को 15 साल बाद कांग्रेस पर भरोसा हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार भी सेटअप रिवाइज के मामले में खरी नहीं उतर पाई।
अलग-अलग विभागों में कार्यरत अनियमित कर्मचारी
प्लेसमेंट 40,537
ठेका 30,946
मानदेय 1,12,233
जाबदर 10,032
अंशकालीन 65,934
दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर 30,772
संविदा 5,00,089
कुल 340543
मध्यान्ह भोजन रसोइया (मानदेय) 87,025
मितानिन (जाब दर) 72,240
बिहान केडर (मानदेय) 98,696
आंगनबाड़ी मिनी कार्यकर्ता (मानदेय) 52,474
आंगनबाड़ी सहायिका (मानदेय) 46,660
अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी 1,269
कुल योग 3,58,564
पृथक अनियमित कर्मचारी 3,99,34
योग 7,38,841
(नोट- आंकड़े छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार)
पार्टियां सिर्फ कर रही राजनीति
नियमितीकरण पर पार्टियां सिर्फ राजनीति कर रही है। हमने मुख्य सचिव को 10 सूत्री मांगों से अवगत करा दिया है। तीन दिसंबर के बाद फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद भी प्रदेश में अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण का इंतजार करना पड़ रहा है।
गोपाल प्रसाद साहू, प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा
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