रायपुर। त्योहार के दौरान सड़क किनारे पंडाल लगाकर मिठाई बेचना भारी पड़ सकता है। एफएसएसआई (FSSI) द्वारा जारी इस आदेश का पालन नहीं करने वाले हलवाई तथा अन्य कारोबारियों( businessmen)के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही खुले में मिठाई बनाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। आदेश के दायरे में विभिन्न तीज त्योहारों में मेलों में पंडाल सजाकर मिठाई बेचने वाले भी आएंगे। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) द्वारा त्योहार का मौसम नजदीक आता देख इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आदेश में जिक्र किया गया है कि खुले में बिक रही मिठाई कीगुणवत्ता प्रभावित होती है और यह लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकती है। इसके साथ खुले में मिठाई (sweets)का निर्माण भी इसके उपभोक्ताओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए इस प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।

एफएसएसआई ने अपने आदेश में कहा कि, त्योहार के दौरान चौराहों पर मिठाई दुकान लगाने वालों की जांच की जाए और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। छत्तीसगढ़ में विभिन्न अवसरों पर मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान वहां विभिन्न खाद्य पदार्थों के साथ मिठाइयों की बिक्री के लिए स्टॉल सजाए जाते हैं और खुले स्थानों पर ही इन मिठाइयों का निर्माण किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक मेले के स्टॉल को लेकर स्थिति तो स्पष्ट नहीं की गई है, मगर पंडाल वाली दुकानों पर कार्रवाई के निर्देश में वे भी शामिल होंगे।
कच्चे सामान की जांच पर जो
सूत्रों के मुताबिक खाद्य विभाग त्योहार नजदीक आने के बाद बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की औपचारिकता पूरी करता है। इस बार विभागीय स्तर पर त्योहार से पहले खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की क्वालिटी की जांच किए जाने पर जोर दिया गया है। इस बार खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा त्योहार के काफी समय पहले खुले सामान की जांच करने अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
नहीं मिली राखी की रिपोर्ट
खाद्य विभाग द्वारा रक्षाबंधन के अवसर घटिया खाद्य पदार्थों की रोक के नाम पर अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों से खाद्य पदार्थ के नमूने लिए गए थे। इन सैंपलों की रिपोर्ट अब तक विभागीय स्तर पर प्राप्त नहीं हुई है। रायपुर जिले से राखी के अवसर पर 32 सैंपल संदेह के आधार पर विभिन्न दुकानों से उठाए गए थे। इन सैंपलों की रिपार्ट अब तक खाद्य विभाग को नहीं मिली है, जिसकी वजह से जांच और जिम्मेदारी की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
जारी होता है अस्थायी लाइसेंस
खाद्य निरीक्षक बृजेन्द्र भारती ने बताया कि त्योहार के दौरान विभिन्न स्थानों पर मिठाई की दुकान लगाने वालों को एक निर्धारित अवधि के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है। इस तरह का लाइसेंस नहीं लेने वाले कारोबारियों की खिलाफ कार्रवाई की जाती है। मिठाइयों के निर्माण के लिए भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा अस्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है। इस लाइसेंस के माध्यम से एक निर्धारित अवधि में निर्माण और मिठाइयों की बिक्री की जाती है।
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