कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। एक बार फिर से उनके वेतन में बड़ी वृद्धि देखी गई है। इसके लिए नए वेतन समझौते पर मुहर लगी है। नए वेतन समझौते के तहत कर्मचारियों के वेतन में 10000 से 32000 तक की वृद्धि देखी जाएगी।

वही बैठक में आम सहमति के बाद एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
जुलाई से मिलेगा लाभ
कोयला कर्मचारियों के वेतन में ₹10000 से 32000 तक की वृद्धि देखी जाएगी। जून में नए वेतन समझौते के अनुसार नया वेतनमान बनेगा। जिसका भुगतान कोयला कर्मचारियों को जुलाई महीने में किया जाएगा। इसकी जानकारी मजदूर संघ के नेताओं द्वारा दी गई है।
एरियर का भुगतान
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन और मजदूर नेताओं के बीच बनी सहमति के बाद एरियर के भुगतान 4 महीने के अंदर होने की संभावना जताई गई है। जानकारी के मुताबिक एरियर का भुगतान सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में किया जा सकता है। वहीं बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल द्वारा की गई है।
भत्ते में वृद्धि
इससे पहले कोल इंडिया की शुक्रवार की बैठक में कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थी। जिनमें उनके भत्ते पर 25% की सहमति बनी थी। अंडर ग्राउंड भत्ते पर 25% वृद्धि की गई है। साथ ही स्पेशल भत्ते पर 4% से बढ़ाकर इसे 5% किया गया। हाउस रेंट अलाउंस को 25% वृद्धि देते हुए वर्तमान दर 2% से बढ़ाकर 2.5% बढ़ाने पर सहमति बनी है। साथ ही छुट्टी जमा करने के लिए डेढ़ सौ दिन पर भी सहमति बनी है।
भत्ते में होगी बढ़ोत्तरी
धुलाई और नर्सिंग भत्ते सहित सभी भत्तों में 25% की वृद्धि की उम्मीद है। भूमिगत भत्ता 1 जुलाई, 2021 को संशोधित मूल का 11.25% होगा और संशोधित यूजी भत्ता जुलाई, 2021 से प्रभावी होगा। (NCWA)-XI 1 जुलाई, 2021 से 30 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा । समझौते में सीआईएल और उसकी सहायक कंपनियों और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) में कर्मचारियों की सभी श्रेणियां शामिल होंगी।
अवकाश में वृद्धि
ईएल छुट्टी जमा रखने में कोई वृद्धि नहीं की गई है। अब तक कर्मचारियों को 8 पीएचडी का लाभ दिया जा रहा था। अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल को पीएचडी रहेगा। इसके साथ ही उन्हें 9 पीएचडी का लाभ दिया जाएगा। नए छुट्टी के तौर पर पैतृक की छुट्टी पर भी सहमति बनी है।
एचपीसी में भी वेज रिवीजन किया जाएगा
जेबीसीसीआई के सदस्य लखन लाल महतो ने कहा कि समझौते का लाभ कोल इंडिया के कॉन्ट्रैक्ट लेबर के तौर पर काम कर मजदूरों को भी मिलेगा। इसके साथ ही एचपीसी में भी वेज रिवीजन किया जाएगा। बता दें कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर की संख्या लगभग सवा लाख है।
समझौते में शामिल कंपनियों में सतह पर सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी के लिए संशोधित न्यूनतम वेतन की परिकल्पना औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संख्या 7,819 पर 43,677.45 रुपये प्रति माह होगी।
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