लड़की के साथ व्हाट्सएप वीडियो कॉल (WhatsApp Video Call) के बाद शुरू होता है ब्लैकमेल का खेल…इस ब्लैकमेल के खेल में पीड़ित से हजारों से लाखों रुपयों तक ठग लिए जाते हैं। सेक्सटॉर्शन (Sextortion) की वजह से साइबर ठगों के शिकार पीड़ित आखिरकार ठगों से हार मानकार पुलिस से मदद की गुहार लगाते हैं।

चिंता की बात है कि सेक्सटॉर्शन के मामलों में पूरा गैंग काम करता है।
सेक्सटॉर्शन दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘सेक्स’ और ‘एक्सटॉर्शन’। साइबर ठग महिला और पुरुष दोनों को जाल में फंसाकर शिकार बना रहे हैं। ऐसे लोगों को ब्लैकमेल करके बड़ी रकम मांगी जाती है। कई लोग घबराहट या डर के कारण साइबर ठगों को रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। इसलिए जागरूकता जरूरी है।
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के सीओ अंकुश मिश्रा ने बताया कि सेक्सटॉर्शन एक तरीके का हनी ट्रैप है। सोशल मीडिया साइट पर पुरुष महिलाओं से दोस्ती करते हैं। फिर मीठी-मीठी बातें करके अश्लील फोटो मांगते हैं या खुद फोटो एडिट कर इसे अश्लील बना देते हैं। ऐसे ही पुरुषों से सोशल साइट पर महिलाएं दोस्ती करती हैं।
वीडियो कॉल के दौरान पुरुषों को आपत्तिजनक स्थिति में लाने की कोशिश की जाती है। साइबर ठगों को एक बार अश्लील फोटो या वीडियो मिल जाता है तो वे लोगों से रकम की डिमांड शुरू करते हैं। डराते हैं कि रकम नहीं दी तो वीडियो या फोटो वायरल कर दी जाएगी।
सीओ के मुताबिक, ऐसे मामलों में शुरुआत में लोग बदनामी के डर से रुपये दे देते हैं। साइबर अपराधी उनसे तब तक उगाही करते रहते हैं, जब तक पीड़ित सोशल साइट से जुड़े सभी संपर्क बंद न कर दें या पुलिस में रिपोर्ट दर्ज न कराए।
युवती को ब्लैकमेल कर रु 1.81 लाख ठग लिए
अधोईवाला निवासी एक व्यक्ति को पांच मई को व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल आई। एक युवती वीडियो कॉल में अश्लील हरकतें कर रही थी। पीड़ित ने उसे देखा तो उसकी वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई। फिर ब्लैकमेल कर 1.81 लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद पीड़ित
ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया।
परिचितों को युवती की अश्लील फोटो भेज दी
हाथीबड़कला क्षेत्र की एक युवती की अश्लील फोटो बीती 10 अप्रैल को परिचितों को भेज दी गई। इसके बाद ऐसी ही फोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने का डर बनाकर शुरुआत में छह हजार रुपये मांगे गए। लेकिन, पीड़िता ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
सोशल अकाउंट पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। साइबर अपराधी फर्जी अकाउंट बनाते हैं, जिससे लोग आकर्षित हों। कई बार तो अनजान नंबरों से सीधे वीडियो कॉल की जाती है। इसलिए, अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल को कभी भी रिसीव न करें।
यहां करें शिकायत
https://cybercrime.gov. in/ या केंद्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर-1930 या नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में रिपोर्ट कर सकते हैं।
सेक्सटार्शन के मामलों में घबराना नहीं चाहिए। यह घटित होते ही तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं जाती है।
आयुष अग्रवाल, एसएसपी-एसटीएफ
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