स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर घर शौचालय निर्माण कराए गए,लेकिन छाल इलाके में कई जगहों पर टायलेट का उपयोग ही नहीं हुआ है। टायलेट टूट गए हैं। जिन लाभार्थियों ने खुद टायलेट बनवाए थे, उन्हें 1200 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलनी थी, वह धरमजयगढ़ ब्लाक की ज्यादातर पंचायतों

में लाभार्थियों को नहीं मिली है, जबकि की प्रोत्साहन राशि चार किस्तों मे पंचायत के खातों में डाल दी है। आवंटित राशि को तात्कालिक सीईओ आज्ञामणी पटेल ने दूसरे पंचायत में ट्रांसफर क़र दिया।

अक्टूबर 20 मे चंद्रशेखरपुर एडू के ग्रामीणों ने एक माह तक पंचायत के सामने शौचालय की राशि वितरण करने को लेकर आंदोलन किया। तत्कालीन एसडीएम संबित मिश्रा ने प्रोत्साहन राशि का मसला सुलझाया। कुछ पंचायतों में राशि का आबंटन किया गया | जनपद सीईओ धरमजयगढ़ सुभाष चंद कुशवाहा ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, जो राशि आनी है, वह सीधे पंचायतों के खाते में जाएगी। उन्होंने पंचायत में प्रतिनिधि और सचिव से जानकारी लेने की बात कही। कुड़ेकेला सचिव बेलाल राठिया व उप सरपंच प्रवीन गुप्ता ने बताया कि उनकी पंचायत में एसबीएम की राशि चार किस्तों में आबंटित हुई थी। राशि को तात्कालिक सीईओ पटेल ने दूसरी पंचायत में ट्रांसफर कर दिया।
