पर्सनल और ट्रेनिंग डिपॉर्टमेंट (DOPT) की ओर से जारी किए गए अधिकारी मेमोरेंडम में कहा गया है कि अंग दान करना एक बड़ी सर्जरी है, जिसमें ठीक होने में समय लगता है.
इसमें अस्पताल में भर्ती होने से लेकर आराम और इलाज आदि शामिल है. इस कारण एक लंबी छूट्टी की आवश्यकता (Medical Leave) होती है. ऐसे में किसी व्यक्ति की मदद करने और केंद्र सरकार के कर्मचारियों (Government Employees) के बीच अंग दान को बढ़ावा देने के लिए एक खास कदम उठाया है.

डीओपीटी ने कहा है कि ऐसे मामलों में सरकारी कर्मचारियों को 42 दिन की छुट्टी दी जाएगी. ये स्पेशल छुट्टियां केंद्रीय कर्मचारियों को देने की पेशकश की गई है. हालांकि वर्तमान समय में नियम कहता है कि किसी एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 30 दिन की स्पेशल आकस्मिक छुट्टियों के रूप में स्वीकृत किए जा सकते हैं.

किसे मिलेंगी ये छुट्टियां
केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) को ये छुट्टियां नई व्यवस्था के तहत 25 अप्रैल 2023 से प्रभावी हैं. जारी किए गए मेमोरेंडम में कहा गया है कि 42 दिन की छुट्टी नियम 1972 के नियम 2 के संदर्भ में भारत संघ के सिविल सेवाओं और अन्य पदों पर नियुक्त सरकारी कर्मचारियों पर लागू है. इसका मतलब है कि रेल कर्मियों (Railway Employees), अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों, कैजुअल या संविधा कर्मचारियों आदि के लिए ये अवकाश मिलेगा.
सरकारी कर्मचारियों को मिलता है मेडिकल सुविधा
केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के अलावा दवाओं, गंभीर बीमारियों के इलाज और किसी भी तरह के टेस्ट आदि का खर्च भी उठाती है. सरकार कर्मचारियों को मेडिकल भत्ता और सुविधाएं आवश्यकता के आधार पर प्रोवाइड कराती है. वहीं कुछ योजनाओं के लिए मेडिकल खर्च पर सब्सिडी भी जारी की जाती है.
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