सारंगढ़: हैंडपंप और तालाबों का जल स्तर नीचे पहुंचने के अलावा निस्तारी का एक बहुत बड़ा स्रोत तालाब भी अपना अस्तित्व खो रहा है। इंसानों के साथ पशु तक प्रभावित हो रहे हैं।
मार्च अप्रैल में ही नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश तालाब का पानी सूख चुका है, जिसके चलते लोगों के सामने निस्तार की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।

गर्मी के कारण नदी नालों से लेकर तालाब कुएं का जलस्तर भी तेजी से घटते जा रहा है, जिससे क्षेत्र के कोतरी, हरदी, मौहापाली, भेडवन मुधवन भौरादार, डांडिया उलखर, गुन्तली, आमकोनी, सहसपुर, चवरपुर भंवरपुर, सालर, सराईपाली, रापागुला, सोनिका, परकोल, कलमी, साल्हे, जामपाली, दानसरा, माधोपाली, बोईरडीह, कनकबीरा, टामटोरा, मल्दा, देवसर, भाडिसार भुकूरा आदि पंचायतों के तालाबों में निस्तारी के लायक तक पानी नहीं बचा है।
नदी किनारे गांव वालों में ज्यादा समस्या भीषण गर्मी के दिनों में महानदी के किनारे गांव वालों में पानी की ज्यादा समस्या हो रही है, जिसमें जशपुर कछार, अणेला, पासीद नावपारा में भूमिगत जलस्तर तेजी से नीचे गिर रहा है।
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