छत्तीसगढ़ के बस्तर में बीते कुछ दिनों से लगातार नक्सलियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है. वहीं अब एक बार फिर से जिन जगहों पर पुलिस नक्सलियों के बैकफुट पर होने का दावा कर रही थी, उन्हीं जगहों पर फिर से नक्सली अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं.

2 साल पहले ही बस्तर के सबसे बड़े वाटरफॉल्स में से एक हांदावाड़ा जलप्रपात जो नक्सलियों के कब्जे से मुक्त हुआ था और जिसके बाद पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाने के साथ बेहद लोकप्रिय भी हुआ. लगातार हांदावाड़ा वाटरफॉल में पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही थी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की थी. अब फिर से इस हांदावाड़ा क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता सुनाई देने लगी है.
70 से अधिक लोगों का रोका
हांदावाड़ा वॉटरफॉल जा रहे 70 से अधिक पर्यटकों को नक्सलियों ने रोक लिया और उन्हें बंधक बनाए रखा लिया. ये सभी पर्यटक छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों से हांदावाड़ा वाटरफॉल में घूमने आए हुए थे, लेकिन इन्हें नक्सलियों ने बंधक बना लिया और इस वाटरफॉल के करीब 5 किलोमीटर पहले ही रोक लिया. बताया जा रहा है कि नक्सलियों के स्माल एक्शन टीम ने आगे नक्सलियों की बड़ी बैठक का हवाला देते हुए 2 से 3 घंटे तक पर्यटकों को रोके रखा, जिसके बाद सभी को बिना कोई नुकसान पहुंचाए छोड़ दिया गया. इनमें से अधिकांश पर्यटक हांदावाड़ा वॉटरफॉल नहीं गए और उल्टे पैर वापस लौट आए. इसके बाद से सभी पर्यटक पूरी तरह से डरे सहमे हुए हैं. बताया जा रहा है कि नक्सली संगठन के बड़े लीडरों की बैठक चल रही थी, जिसकी वजह से पर्यटको को बंधक बनाकर रखा गया था. करीब 3 घंटे के बाद सभी को सुरक्षित वापस छोड़ दिया गया.
नक्सलियों की बढ़ रही सक्रियता
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर इलाके के अबूझमाड़ में मौजूद हांदावाड़ा वाटरफॉल का क्षेत्र बेहद नक्सल प्रभावित क्षेत्र हुआ करता था, लेकिन पल्ली बारसूर में नये पुलिस कैंप खोले जाने के बाद इस इलाके में नक्सली बैकफुट पर आये थे. 2 साल पहले ही हांदावाड़ा वॉटरफॉल लोगों के नजर में आया, उसके बाद लगातार यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ती चली गई. आमतौर पर काफी नक्सल प्रभावित होने की वजह से यहां पर्यटक नहीं जाया करते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से इंद्रावती नदी में पुल बनने और सड़क निर्माण के बाद काफी तेजी से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिला. कहा जाता है कि हांदावाड़ा जलप्रपात की लोकप्रियता बाहुबली फिल्म में दिखाए गए. वाटरफॉल से हूबहू मिलने की वजह से यहां और अधिक पर्यटकों की संख्या बढ़ती चली गई.
इस क्षेत्रों में बढ़ाई जाएगी गश्ती
छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचने लगे, जिसके बाद प्रशासन से भी हांदावाड़ा जलप्रपात के परिसर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग करने लगे. अब एक बार फिर से इस जगह पर नक्सलियों की मौजूदगी देखी जा रही है. बस्तर के आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि जिस जगह को नक्सली अपना सेफ जोन समझते थे, उन जगहों में भी पुलिस अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. इस वजह से नक्सली पूरी तरह से बौखलाए हुए हैं और अपनी दहशत फैलाने के लिए इस तरह की करतूत कर रहे हैं.
आईजी ने कहा कि जनता की सुरक्षा पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. ऐसे में उस इलाके में अब नक्सल ऑपरेशन तेज किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा इस इलाके में विकास कार्य पुलिस की मौजूदगी में करवाए जाएंगे, जिससे नक्सली इस इलाके में बैकफुट पर होंगे. आईजी ने कहा कि हांदावाड़ा से लौटे पर्यटकों से जानकारी ली गई है और उन्हें नक्सलियों द्वारा कोई नुकसान नहीं पहुंचाने की बात कही गई है. बस्तर आईजी ने इस इलाके में एक बार फिर जवानों की गश्ती बढ़ाने की बात कही है.
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