सारंगढ़। लेन्ध्रा बड़े स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े के औचक निरीक्षण ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। 50 सीटर छात्रावास में मौके पर महज 19 छात्राएं उपस्थित मिलीं, जबकि निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने भोजन, मच्छरदानी और अन्य सुविधाओं को लेकर कई शिकायतें विधायक के सामने रखीं।
छात्राओं ने बताया कि उन्हें मच्छरदानी उपलब्ध नहीं कराई गई है। वहीं भोजन व्यवस्था को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आईं। छात्राओं के अनुसार छात्रावास में निर्धारित मीनू के मुताबिक भोजन नहीं दिया जाता। इतना ही नहीं, परोसे गए चावल में कंकड़ मिलने और मिक्स दाल दिए जाने की शिकायत भी छात्राओं ने विधायक से की।

50 की क्षमता, मौके पर 19 बाकी छात्राएं कहां?
औचक निरीक्षण में सबसे बड़ा सवाल छात्रावास की वास्तविक छात्र संख्या को लेकर उठा। 50 सीटर छात्रावास में निरीक्षण के समय केवल 19 छात्राओं की मौजूदगी ने दर्ज संख्या और वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर की जांच की जरूरत पैदा कर दी है। अब सवाल उठ रहा है कि छात्रावास के अभिलेखों में कितनी छात्राएं दर्ज हैं और वास्तव में कितनी छात्राएं यहां रह रही हैं?
साइकिलें कमरे में बंद, दर्ज संख्या पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान छात्राओं को निशुल्क वितरित की जाने वाली साइकिलों को लेकर भी शिकायत सामने आई। आरोप है कि अधिक छात्र संख्या दर्ज दिखाकर प्राप्त की गई साइकिलों को छात्रावास के एक कमरे में बंद करके रखा गया है।
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो यह केवल छात्रावास की व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि शासकीय सामग्री के आवंटन और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा कर सकता है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अधीक्षक ने नहीं दिखाया उपस्थिति पंजी और स्टॉक रजिस्टर!
विधायक के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी और स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई। छात्रावास अधीक्षक गायत्री टण्डन से आवश्यक अभिलेख मांगे जाने के बावजूद पंजी नहीं दिखाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उपस्थिति पंजी से छात्रावास में दर्ज और वास्तविक छात्र संख्या की स्थिति स्पष्ट हो सकती है, जबकि स्टॉक रजिस्टर से साइकिल, भोजन सामग्री सहित अन्य शासकीय सामग्रियों के आवंटन और वितरण की जानकारी सामने आ सकती है। ऐसे में इन दस्तावेजों का निरीक्षण के दौरान उपलब्ध नहीं होना पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
सहायक आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
मामले में जिला सहायक आयुक्त बद्रीश सुखदेवे की विभागीय निगरानी को लेकर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिले के छात्रावासों में वास्तविक छात्र संख्या और दर्ज संख्या की नियमित जांच नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हो रही है।
हालांकि सहायक आयुक्त पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में विभागीय रिकॉर्ड की जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
विधायक ने कहा छात्राओं को मिलनी चाहिए पूरी सुविधा
विधायक उत्तरी जांगड़े ने छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को शासन द्वारा निर्धारित भोजन, आवासीय सुविधा, आवश्यक सामग्री और अन्य सुविधाएं नियमानुसार मिलना चाहिए।
उन्होंने छात्रावास की वास्तविक छात्र संख्या, उपस्थिति पंजी, स्टॉक रजिस्टर, भोजन व्यवस्था, साइकिल वितरण और अन्य शासकीय सामग्रियों की जांच कराए जाने की मांग की।
अब जिलेभर के छात्रावासों की जांच की उठी मांग
लेन्ध्रा बड़े छात्रावास में सामने आई शिकायतों ने अब जिलेभर के छात्रावासों की छात्र संख्या, भोजन व्यवस्था, स्टॉक और शासकीय सामग्री के वितरण की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि 50 सीटर छात्रावास में निरीक्षण के समय केवल 19 छात्राएं थीं, तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज संख्या कितनी है और उसके आधार पर कितनी सामग्री एवं सुविधाएं आवंटित की जा रही हैं?
अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होने का इंतजार है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी जोर पकड़ सकती है।


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