राम और शनि पर आबकारी और पुलिस की विशेष कृपा दृस्टि से गांव का हो रहा महा विनाश! घुसखोरों को सबक सिखाने अब सड़कों पर उतरेगी नारी शक्ति…!
बरमकेला। वैसे तो इंसानों पर भगवान राम व शनिदेव की कृपा बरसती हैं, लेकिन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शनि व राम व पर विकास की कृपा बरस रही है। भगवान की कृपा से लोगों व गांव का उद्धार हो जाता है, लेकिन यहां विकास की कृपा शनि व राम को मिलने की वजह से गांव का विनाश हो रहा है। दरअसल, हम जिस शनि व राम की बात कर रहे हैं वे कोई और नहीं, बल्कि बरमकेला जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत डभरा के नामी शराब तस्कर है। जिन्हें आबकारी व पुलिस का खूब संरक्षण मिला है। इनके खिलाफ ग्राम पंचायत के सरपंच से लेकर गांव की जागरूक महिलाओं की लिखित शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में अब हर महीने मंथली कमीशन लेकर अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा देने के खिलाफ गांव की नारी शक्ति सड़कों पर उतर कर इनके खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। दरअसल, इन दोनों शराब तस्करों ने न सिर्फ डभरा गांव का माहौल खराब कर रखा है, बल्कि आसपास के कई पंचायतों के गांवों का शर्वनास कर दिया है। गांव-गांव में शराब कोचिए रखकर खुलेआम महुआ शराब बेचवाया जा रहा है। इससे गांव पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। शाम होते ही दारूबाजों का जमघट लग जाता है। इन दारूबाजों से गांव की शांतिभंग हो रही है। परंतु पुलिस प्रशासन एवं आबकारी विभाग से शिकायत के बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे अवैध रूप से दारू बेचने वाले एवं पीने वालों के हौंसला बुलंद हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश : पीने के बाद दारूबाज गांव में आने जाने वाले बुजुर्गो के साथ अभद्र व्यवहार शुरू करते हैं। वहीं गांव की बहिन बेटियों के साथ छेड़छाड़, अश्लील हरकतें व आवाजकशी करने से नहीं चूकते हैं, जिससे गांव की शांतिभंग होने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं इन इन दारूबाजों की नाजायज हरकतों को देखकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। हालांकि शराब बेचने वालों और पीकर गांव में शांति को पलीता लगाने वालों की शिकायतें संबंधित विभाग से अनेकों बार गांव के संभ्रांत नागरिकों ने की है परंतु स्थिति जस की तस है।
सरकारी शराब दुकानों की तरह चल रही : शराब की ज्यादा से ज्यादा बिक्री और लोगों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी ठेके की तर्ज पर दुकानों पर माल रखा है। कच्ची शराब परचून की दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। इससे जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों का माहौल खराब हो रहा है वही दूसरी ओर युवा पीढ़ी नशे की लत की आदी होती जा रही है। ऐसा भी नहीं है कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को न हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन में अपनी सुस्ती व नाकामी का ही परिचय दे रहा है।
क्या कहते है सरपंच प्रतिनिधि सुशील नायक-हमारे पंचायत में आबकारी विभाग और थाना के संरक्षण में अवैध महुआ शराब का निर्माण एवं बिक्री खुला हो रहा है. गांव के बुद्धिजीवी एवं महिला वर्ग इससे चिंतित हैं युवा पीढ़ी आसानी से मिलने वाले नशा के लत में पढ़ते जा रहा है. आबकारी विभाग और थाना को प्रति माह एक मोटी रकम चंदे के रूप में दी जा रही है इसलिए अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.
-सुशील कुमार नायक
सरपंच प्रतिनिधि डभरा,महामंत्री ब्लाक कांग्रेस कमेटी बरमकेला
- कैसे बनाएं पपीता भक्खा, भूल जाएंगे नूडल्स/पास्ता का स्वाद, टेस्ट में लाजवाब, नोट कर लीजिए रेसिपी… - March 7, 2026
- कुत्ता काटने के कितने घंटे के भीतर इंजेक्शन लगवाना है जरूरी? लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानें एक्सपर्ट की राय… - March 7, 2026
- छत्तीसगढ़:स्कूल में ताला, बाहर धूप में बैठे रहे बच्चे : लापरवाही पर शिक्षा विभाग सख्त, 6 शिक्षकों को DEO ने भेजा कारण बताओ नोटिस… - March 7, 2026
