रायगढ़ । शहर के भीतर नकली कीटनाशक की पैकिंग सामले में कृषि विभाग द्वारा लिखित शिकायत के सप्ताह भर बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक एफआईआर. दर्ज नहीं किया है। विवेचना आगे नहीं बढ़ने से मुख्य आरोपी को भागने का मौका मिल रहा है।

दरअसल पिछले माह बायर कंपनी के अधिकारी सहित कृषि विभाग की टीम ने अटल चौक के मदन प्रसाद के मकान में दबिश दी थी। जहां 2 करोड़ रुपए का 190 किलो नकली फफूंदनाशक मिला था। टीम द्वारा माल को जब्त कर खानापूर्ति तो कर ली गई, लेकिन माल को तैयार करने व उसे जिले में ख्वपाने वाले का कोई पता नहीं लगा पाई | यहां तक कि मदन प्रसाद व उस्की पत्नी तक ने टीम को मास्टर माइंड का नाम नहीं बताया। इधर कृषि विभाग द्वारा मकान मालिक पर एफआई आर के लिए सप्ताहभर पहले थाने में आवेदन देकर शिकायत की गई है लेकिन पुलिस ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है | पुलिस ने अब तक मदन और उसकी पत्नी से पूछताछ नहीं की है । जिससे पुलिस को मुख्य आरोपी जिनसे दंपती के घर कीटनाशक पैंकिंग के लिए लाकर छोड़ा था उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।यही कारण है कि कार्रवाई में लेटलतीफी होने से आरोपी को भागने का मौका मिल रहा है। जानकारों की मानें तो जब तक इस मामले में एफआईआर होगा और पुलिस आरोपी को ढूंढेगी तब तक वह पुलिस की पहुंच से काफी दूर होगा। इसके बाद अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी फाइल थाने के किसी कोने में धूल खाती नजर आएगी।

