सारंगढ़: मुखिया परिवार का वो मुख्य सदस्य होता है जो अपने बुद्धि और विवेक से परिवार को एकत्रित रखकर विकास के मुख्य धारा से जोड़ता है। अगर मुखिया और वरिष्ठ सदस्य ठान लें तो परिवार का प्रत्येक सदस्य संवेदनशील होता है। कुछ ऐसा ही खाकिवर्दीधारी परिवार मे हो रहा है, जहाँ रायगढ़ टाईम्स और अन्य मीडिया ने दानसरा बाईपास मे आये दिन घट रहे दुर्घटना कि जानकारी जिले के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई थी, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसपी राजेश कुकरेजा, एसडीओपी स्नेहिल साहू और थाना प्रभारी विजय चौधरी ने दुर्घटना जोन वाले दानसरा बाईपास का निरीक्षण कर सूचना इंडिकेटर (बेरिकेट) लगाने निर्देशित किया था।


जनता ने देखा पुलिस का दूसरा रूप –
अपने ड्यूटी मे नित प्रतिदिन गुंडे, बदमाशों, अपराधियों से घिरे रहने वाले पुलिस कर्मियों का मिजाज रुखा होना स्वभाविक है, लेकिन उनके अंदर मे भी एक समान्य दिल धड़कता है जिसे वो आम पब्लिक को दिखा नही पाते या जनता समझ नही पाती। लेकिन अपने क्रियाकलापों से जाने अनजाने बयां कर ही डालते हैँ। अन्यथा ठेकेदार और पीडब्लूडी विभाग कि लापरवाही को सुधारने पुलिस अमला बाईपास बाईपास पर पहुंचकर देर शाम बेरिकेट लगाने क्यों पहुंचती। लेकिन वर्दीधारी जनता के सच्चे सेवक हैँ उनके इस कृत्य से साफ झलकता है।

सारंगढ़ पुलिसिंग की सर्वत्र हो रही तारीफ़ –
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला बनते ही प्रशासन ने कानून का जिम्मा राजेश कुकरेजा को सौंपा तो सारंगढ़ के लिए सुनहरा अवसर था, लेकिन सोने पे सुहागा तब हुवा जब कोतवाली कि जिम्मेदारी अनुभवी और रियल दबंग विजय चौधरी को मिली। एसपी और टी आई कि जुगलबंदी ऐसे जमी कि एसपी श्री कुकरेजा के हर निर्देश पर अमल करते हुवे थाना प्रभारी श्री चौधरी ने ना सिर्फ अवैध शराब बल्कि जुआ सट्टा सहित तमाम गैर कानूनी कामों पे ऐसा अंकुश लगाया जो बिरले ही देखने मिलता है। पुलिस कि ऐसी छवि से जनता के बीच पॉजिटिव संदेश जा रहा है।

