प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त किसानों के खाते में पहुंच चुकी है. अब 13वीं किस्त आने का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. किसान एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट जाकर निधि के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. जिन किसानों के खाते में 12वीं किस्त नहीं आई है. उनकी धड़कनें बढ़ी हुई हैं. वहीं एक टेंशन और किसानों की बढ़ गई है. जिन किसानों ने फर्जी तरीके से किसान बनकर केंद्र सरकार से पैसा ले लिया है तो अब उन्हें लौटाना होगा. वरना केंद्र सरकार नोटिस भेजकर रिकवरी करेगी. आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं. इसके लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. सबकुछ बस आपकी उंगलियों के क्लिक पर होता चला जाएगा.

ऐसे लौटा दीजिए पैसे
योजना के पैसे लौटाने के लिए आपके केंद्र सरकार की अधिकारिक वेबसाइट पीएम किसान पोर्टल पर जाना होगा. पोर्टल को मोबाइल या कंप्यूटर पर नीचे की ओर स्क्रॉल करिए. नीचे आपको बॉक्सनुमा 12 ऑप्शन दिखेंगे. उन्हीं में से एक ऑनलाइन रिफंड के नाम से दिख जाएगा. इस पर क्लिक करते ही ऑनलाइन रिफंड खुल जाएगा. इसमें आपको ऑप्शन मिलने पर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता दर्ज कराना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा टेक्स्ट टाइप करना होगा. क्लिक करते ही यदि यह लिखा आता है कि तो आपको पैसा वापस नहीं करना होगा यानि आप योजना के पात्र हैं. यदि रिफंड अमाउंट शो कर रहा है तो आपको पैसा देना होगा.
इन्हें नहीं मिली किसान सम्मान निधि
सम्मान निधि की किस्त देने के लिए केंद्र सरकार ने भी कुछ मानक तय कर दिए हैं. पति या पत्नी में से किसी ने टैक्स भरा है तो योजना से वंचित होगा. किराए पर जमीन लेकर खेती करने वालों को भी किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिलेगा. खुद टैक्स पेयर हैं तब भी किस्त नहीं मिलेगी. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए जैसे प्रोफेशनल्स की भी किस्त नहीं आएगी. सरकारी कर्मचारी हैं तो किस्त नहीं मिलेगी. दस हजार रुपये से अधिक मंथली पेंशन लेने वालों को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा और शर्ते शामिल हैैं.
13 वीं किस्त के लिए जरूर करा लिजिए e-KYC
12 वीं किस्त के बाद अब 13 वीं किस्त की चर्चा शुरू हो गई हैं. केंद्र सरकार के अधिकारियों ने कहा कि किसान को 13 वीं किस्त पाने के लिए हर हाल में e-KYC करानी होगी. आधार कार्ड और भूमि का वेरिफिकेशन भी कराना होगा. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में देश के 8 करोड़ किसानों को 12वीं किस्त जारी की थी. केंद्र सरकार के छंटनी अभियान के कारण करीब साढ़े 4 करोड़ किसान इससे वंचित रह गए थे. हालांकि कुछ किसान ई केवाईसी न करा पाने के कारण 12 वीं किस्त नहीं पा सके. वहीं काफी किसान वाकई में अपात्र रहे.
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