आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत केन्द्र सरकार का प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक, पाली क्लीनिक, पैथोलाजी नर्सिंग होम जैसे हर स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों को जोड़ेगी। आयुष्मान भारत के तहत आनलाइन काम होगा। प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना के तहत इस स्कीम को लांच किया गया है।

इस स्कीम में लोग किसी भी हास्पिटल, लैब हो या क्लीनिक इस स्कीम के तहत जांच कर सकेंगे। इसमें अभी इन संस्थाओं से जुड़े डाक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और सारे कर्मचारियों को डिजिटल मिशन के तहत रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। जिले में 985 में जिनका रजिस्ट्रेशन अभी हुआ है, वही अब सरकार इस स्कीम में ही डायग्नोस्टिक सुविधाओं को आने वाले समय में इसमें जोड़ रही है।

इलाज और लाभ लेने में परेशानियां भी कम नहीं-
आयुष्मान भारत और खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के तहत सर्जरी, डिलीवरी, सामान्य आपरेशन, हडडी से जुड़े ऑपरेशन, पीडियाट्रिक सहित कई सामान्य इलाज और ऑपरेशनों को भी इसमें से हटा दिया गया है। इसकी वजह से सरकारी हास्पिटलों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें कुछ दिनों पहले ही कई आपरेशन हटा दिए गए। ऐसे में कर्ड हास्पिटल अब इस स्कीम मरीजों का इलाज कराना नहीं चाह रहे हैं, क्योंकि इसके लिए उन्हें अलग से स्टाफ रखने के साथ पूरी व्यवस्था अलग से बनानी पड़ती है।
आखिरी में हितग्राही का भी रजिस्ट्रेशन होगा –
जिले में डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का रजिस्ट्रेशन चल रहा है। अब तक कितने लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है। हेल्थ केयर से जुड़े लोगों का डिजिटल मिशन रजिस्ट्रेशन के बाद जिस स्कीम के बाद जो हितग्राही आयुष्मान भारत में शामिल होंगे, उन्हें डिजिटल मिशन में रजिस्टर्ड किया जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया होने में अभी समय लगेगा। डिजीटली आयुष्मान भारत के तहत जो कार्ड दिया जाएगा, आयुष्मान के तहत जो नंबर या मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होगा। उसमें देश भर के किसी भी हास्पिटल, क्लीनिक, पाली क्लिनिक, पैथोलाजी, नर्सिंग होम सहित हर तरह हेल्थ सेंटर में इलाज करा सकेंगे। डिजीटल आयुष्मान स्कीम में यह सर्विसेस रखी गई है। आम लोगों को आयुष्मान स्कीम के तहत यह लाभ देने के लिए ही इसे पूरी तरह डिजीटल किया जा रहा है।
जिले में बन चुके है अब 2. 8 लाख से भी अधिक आयुष्मान कार्ड –
अभी तक जिले में आयुष्मान भारत के तहत 8 लाख से ज्यादा कार्ड बनाया जा चुका है। इसमें राज्य सरकार की भी स्कीम खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना को भी शामिल किया गया है। इसमें बीपीएल और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए पांच लाख रुपए तक इलाज होना है। वहीं एपीएल परिवार के लोगों का 50 हजार रुपए तक इलाज होता है। अभी आयुष्मान भारत कार्ड बनाने वाली पोर्टल सर्वर की परेशानी सामने आने की वजह से हफ्तेभर से नया कार्ड बनाने प्रक्रिया नहीं हो पा रही है। अभी आयुष्मान कार्ड को च्वाइस सेंटर, लोकसेवा केंद्र, सरकारी और प्राइवेट हास्पिटल के माध्यम से बनता है, यह कार्ड मुफ्त बनता है।
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