रायगढ़। खनिज विभाग का पूरा ताना-बाना ध्वस्त हो चुका है। यहां कोई नियम-कानून नहीं चलता। केवल नोटों का राज चलता है। कोई भी काम हो, कैसा भी काम हो, नोटों की गड्डियां इसे आसान बना देती हैं। एसएन मिनरल्स की बात करें तो हर साल केवल रॉयल्टी पर्ची जारी करते रहे। कभी भी कोई जांच करने नहीं पहुंचा।
क्रशरों में जांच और कार्रवाई का सवाल उठते ही खनिज विभाग बचाव की मुद्रा में आ जाता है। खनिपट्टाधारकों को अपने ही खदानों से चूना पत्थर निकालकर उत्पादन करना है। इसी के आधार पर खनिज विभाग रॉयल्टी जारी करता है। 50 क्रशर ऐसे भी हैं जिनके पास कोई खदान ही नहीं है। एसएन मिनरल्स की सरसरा में चार एकड़ का खनिपट्टा है। करीब 10 सालों से इसमें खनन हो रहा है। 2010 से 2040 तक इसे अनुमति दी गई है। खनिज विभाग इस क्रशर की कभी जांच ही नहीं करता। खदान देखने पर पता चलता है कि दस सालों में यहां उतना खनन किया ही नहीं गया।

हर साल करीब 80 हजार टन की रॉयल्टी जारी कराई गई है। इतना खनन होता तो खदान की गहराई भी नजर आती। खनिज विभाग ने संचालक सीमा केडिया पति महेश केडिया से जबर्दस्त सांठगांठ की है। बिना जांच के ही मनमानी तरीके से रॉयल्टी जारी की गई। कार्रवाई तो क्या एक बार जांच तक नहीं की गई। पूर्व खनिज उप संचालक और उनके मातहतों ने तो एसएन मिनरल्स को खुला संरक्षण दिया है।
हर टन पर फिक्स है एमाउंट
एसएन मिनरल्स को खुला संरक्षण देने वाला खनिज विभाग का अवैध कमाई में लिप्त है। जितनी भी रॉयल्टी पर्ची जारी की जाती है, उतनी ही राशि पट्टेदार से ली जाती है। अवैध उगाही करने के बाद ही पर्ची जारी की जाती है। हर टन के पीछे खनिज विभाग का हिस्सा फिक्स है। इसीलिए एसउस मिनरल्स की जांच नहीं हो पाती।
नई कलेक्टर कलेक्टर फरिहा आलम सिद्यीकी से उम्मीद
सारंगढ़ और बरमकेला के क्रशरों में गड़बड़ी पर अब नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की नई कलेक्टर फरिहा आलम सिद्यीकी ही कोई कार्रवाई कर सकती हैं। उन्हें तेजतर्रार अधिकारियों में माना जाता है। एसएन मिनरल्स के काले कारोबार पर वही सख्त रवैया दिखा सकती हैं। खनिज विभाग भी तभी हरकत में आएगा। फिलहाल खनिज विभाग तो एसएन मिनरल्स के लिए सब कुछ सेट करने में लगा हुआ है।
- सारंगढ़:धर्मांतरण विवाद पर कोतवाली में भाजपा का हल्लाबोल, कार्रवाई की मांग पर धरने से गरमाई सियासत… - June 15, 2026
- कटंगपाली और छेलफोरा बने अवैध माइनिंग के सबसे बड़े “डार्क स्पॉट”..धरती का सीना चीरकर रसूखदार भर रहे तिजोरियां, धूल फांकने को मजबूर बेबस इंसान… - June 15, 2026
- 30 जून तक कराएं श्रमिक पंजीयन में सुधार, नहीं तो अटक सकती हैं योजनाओं की सुविधाएं… - June 15, 2026

