सारंगढ़: घोटाले का गढ़ बना बिलाईगढ़! सचिव उड़ा रहे सूचना अधिकार की धज्जियां, रिकार्ड गायब..करते हैँ जनपद सीईओ पर हावी होने का प्रयास..?
सारंगढ़। सारगढ़ बिलाईगढ़ जिला के विकासखंड बिलाईगढ़ में प्रार्थी शैलेंद्र कुमार देवांगन द्वारा ग्राम पंचायत पिरदा से सूचना के अधिकार के तहत वित्तीय वर्ष 2020 21 में खर्च की गई राशि की संपूर्ण जानकारी मदवार एवं व्ययवार तथा कैश बुक रजिस्टर की प्रमाणित छयाप्रति 16 जून 21 को आवेदन देकर मांगी थी, कितु ग्राम पंचायत के वर्तमान सचिव धनीराम साहू ने इसकी जानकारी नहीं दी । इसके बाद शैलेंद्र देवांगन ने 27 जुलाई 21 को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में प्रथम अपील कियें । शैलेंद्र देवांगन द्वारा 1अप्रैल 20 से 31 मार्च 20201 तक की जानकारी मांगी थी। इस दौरान सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष तुलसी राम साहू वहां पदस्थ थे। आयोग में अपील के प्रकरण क्रमांक 11 2438 /2021 पर सुनवाई करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए विभाग प्रमुख को अनुशंसा की। एवं नोटिस प्राप्ति के 30 दिन के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने तिथि के पूर्व जवाब नहीं दिए जाने पर एवं जवाब संतोषजनक नहीं पाए पाए जाने पर निर्धारित तिथि में अनुपस्थित रहने पर एक पक्षीय कार्यवाही करने के निर्णय की चेतावनी दी थी ।
27 जुलाई 21 से 45 दिन की अवधि में पदस्थ रहे प्रथम अपीलीय अधिकारी सीईओ ज.प. बिलाईगढ़ जिला बलौदा बाजार इस पत्र के जारी होने की तिथि से 30 दिन में रजिस्टर्ड एडो पत्र से आयोग को समर्थित अभिलेखों के जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया | साथ चेतावनी दी की क्यों न उनके विरुद्ध निराकरण नहीं करने के कारण सूचना अधिकार अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए साथ यह भी लिखा गया कि सूचना दिलाने की जिम्मेदारी लोक प्राधिकारी सीईओ जिपं॑ बलौदाबाजार की होगी, साथ ही जिप॑ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया सीईओ जिप॑ बलौदाबाजार ऑर्डर सीट की कॉडिका 5 की उप कडिका तीन एवं चार के अधिकारी वर्तमान में कहां व किस पद पर पदस्थ हैं ? जानकारी भी राज्य सूचनाआयुक्त एके अग्रवाल द्वारा मांगी गई। इसके बाद भी जानकारी नहीं दी गई ।
विदित हो प्रार्थी ने द्वितीय अपील 21 नवंबर 21 को छग राज्य सूचना आयोग रायपुर में की । राज्य सूचना आयोग ने प्रकरण में पाया किआवेदन का जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत निर्धारित समय अवधि में निराकरण नहीं किया, जिससे आवेदक जानकारी प्राप्त करने से खंचित रह गया। इसलिए राज्य सूचना आयोग द्वारा निर्णय लिया गया कि वर्तमान जनसूचना अधिकारी सचिव ग्रापं पिरदा जप॑ बिलाईगढ़ आवेदक ट्वाग वांछित पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी सूचना को अधिकार अधिनियम क॑ 2005 के तहत सत्यापित करते हुए आदेश प्राप्ति के 30 दिवस भीतर अपीला्थी के जनसूचना आवेदन में दिए गए पते पर निशुल्क रजिस्टर्ड डाक से प्रेषित करें । साथ हो अपीलार्थी को दी जाने वाली जानकारी की राशि मुख्य सीईओ जपं बिलाईगढ़ से तसूल कर जासन क॑ कोच में जमा कराई जाए एवं आवेदन दौरान जनसूचना अधिकारी व सचिव ग्रापं पिरदा को सूचना अधिकार के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी हो। उन पर समयावध्रि में जानकारी प्रदान नहीं करने के लिए 2250 प्रतिदित के मान से अधिकतम 25000… अर्थदंड आरोपित किया जाए एवं कतंव्यों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के लिए अधिनियम की धारा 20(2) के तहत कार्यवाही क्यों न की जाए। इसके बाद भी ग्रा पं सचिव एवं जप के सीईओ द्वारा आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई पश्चात 4 मई 22 को वीडियो कॉ्फेसिंग क माध्यम से अर्थ दंढ आरोपित करने की बात कहो गई
एवं पेशी की तारीख आगे बढ़ा दी गई । इसके बाद अर्थदंड की चेलावनी दी गई । किंतु जन सूचना अधिकारी द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई एवं अर्थदड के भय से मेरे पास रिकॉर्ड नहीं है कहकर पत्ता झाड लिया गया।
वर्तमान जन सूचना अधिकारी धनीराम साहू ग्रापं पिरदा में 1 अप्रैल 21 को पदस्थ हुए। जबकि 17 अगस्त को वर्तमान सचिव ने सीईओ को पत्र लिखकर तत्कालीन सचिव तुलसीराम साहू द्वारा रिकॉर्ड नही दिए जाने को जानकारी दी। तो उसका आनकारी आवेदन प्राप्त होने के बाद भी अपोलोय अधिकारी को दी जा सकती थी , किंतु जानकारी नही दी गई । जिससे प्रतीत होता है यह दोनों सचिव एवं तत्कालीन जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मध्य सांठगांठ रही होगी, क्योंकि उस कायकाल क दौरान सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत सचिव के रूप में तुलसीराम साहु यहां पर पदस्थ थे, यदि सूत्रों की माने तो तुलसी राम साहु ने यहां पदस्थ रहते हुए बड़े पैमाने पर नियम विरुद्ध आर्थिक अनियमितता की गयी है। जिसके कारण उसके द्वारा रिकॉर्ड गायब कर दिया गया। जब संवाददाता द्वारा वर्तमात सचिव से रिकॉर्ड के प्रभार लेने से संबंधित दस्तावेज की मांग की तब वह दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। ना इसकी जानकारी दे सके। जिससे स्पष्ट होता है की वर्तमान सचिव सहित तत्कालीन सचिव एवं वर्तमान सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष तुलसी साहू एक बड़े घोटाले में सम्मिलित हैं? इसी तरह सूचना अधिकार की जानकारी मागने वाले आवेदक को बिलाईगढ़ आने की बात कहकर धमकी देने का एक ऑडियो भी मीडिया के पास मौजुद है। जिसमें सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष एक महिला सचिव का सहारा लेकर सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले आवेदक को धमकी देने एवं बिलाईगढ़ बुलाने की बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं । जिसकी उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है।
बिलाईगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता किए जाने के आरोप हैं। जिसके कारण इस जनपद क्षेत्र के पंचायतों में सूचना अधिकार का आवेदन लगाने के बाद आवेदकों को जानकारी नहीं दी जाती एवं किए गए भ्रस्टाचार को छुपाने का हमेशा से प्रयास किया जाता है। अखिल भारतीय समग्र क्रांति पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व बलौदाबाजार संगठन प्रमुख राजेश मिश्रा ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने हेतु पंचायत मंत्री को पत्र लिखा है ।
वर्तमान सीईओ पर भी कुछ सचिव बनाते हैँ दबाव का प्रयास –
वर्तमान जनपद सीईओ एक महिला कर्मचारी हैँ सूत्रों के अनुसार बिलाईगढ़ के कुछ सचिव अपनी राजनितिक पहुंच और स्थानीय होने का रसुख दिखाकर दबाव बनाने का प्रयास करते हैँ! लेकिन महिला जनपद सीईओ कलेक्टर डी राहुल वेंकट के अधीनस्त होकर अभी तक न्यायपूर्वक डटी हैँ।
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