शर्मनाक: जिस माँ ने खुन पसीने से सींचकर बेटे को किया बड़ा, उसी कलयुगी बेटे ने 95 साल की मां के साथ किया घिनौना काम, मानवता हुवी शर्मशार…
अमानवीयता के किस्से इंदौर मे बार बार सुनने के लिए मिल रहे है।
पहले नगर निगम के अमले ने बुजुर्ग भिखारियों को ट्रक में भरकर शहर के बाहर छोड़ दिया था और अब एक दंपति बेहद 95 वर्ष की उम्र की मां को फुटपाथ पर छोड़कर चल दिया। ये असंवेदनशीलता उस समय की गयी जब श्राद्ध चल रहे थे और पूरा देश अपने पुरखों को तर्पण कर रहा था। CCTV फुटेज देखकर हर किसी का दिल दहल गया है। इंदौर के दामन पर फिर एक बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीयता का दाग लग गया है। घटना का वीडियो सामने आया है जो रोंगटे खड़े करने लगा है। श्राद्ध पक्ष के दिन एक बेटे ने अपनी जीवित मां का त्याग कर दिया। बेटा रात में मां को फुटपाथ पर लावारिस छोड़कर चल दिया।
शहर पर दाग: वैसे तो देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को रहने लायक शहरों की सूची में टॉप टेन में स्थान दिया है। लेकिन यहां हुई एक घटना ने शहर की सफाई और संजीदगी पर दाग लगाया गया है। 90 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला को उसके परिवार के लोग ही रात में फुटपाथ पर लावारिस हालत में छोड़कर जा चुके है। ये घटना पंचकुइया भूतेश्वर महादेव मंदिर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो चुकी है। मंदिर के सीसीटीवी कैमरे में दिखा कि 24 सितंबर की रात 90 से 95 वर्ष की बुजुर्ग महिला को एक पुरुष और युवती मंदिर के बाहर बने फुटपाथ पर बैठाकर जा रहा था। युवती बुजुर्ग के पास उनके सामान की पोटली रखती दिखाई दे रही है।
मां को फुटपाथ पर छोड़ गया परिवार: वहां से गुजर रहे लोगों ने जब मंदिर के बाहर बुजुर्ग महिला को लावारिस हालात में देखा तो पुलिस को जानकारी दे दी। मल्हारगंज पुलिस और निराश्रित सेवा आश्रम के युवा फौरन वहां गए। उन्होंने देखा कि बुजुर्ग महिला चलने-फिरने के साथ ही बोलने में भी असमर्थ है, निराश्रित सेवा आश्रम के यश पाराशर उस महिला को गोद में उठाकर आश्रम लेकर पहुंचे। ऐसा समझा जा रहा है कि बुजुर्ग के बेटे और बहू यहां छोड़कर गए हैं। CCTV फुटेज के आधार पर बुजुर्ग को छोडक़र जाने वालों की पहचान भी की जाने लगी।
बुजुर्ग मां के पैर में घाव, बोलने में असमर्थ:
खबरों का कहना है कि निराश्रित आश्रम के यश पाराशर का बोलना है बुजुर्ग महिला की आयु 90 से 95 वर्ष के मध्य है। ना वो चल पा रही हैं ना बोल पा रही हैं। वो घबराहट के कारण कुछ भी बता पाने में असमर्थ हैं। उनके हाथों पर घाव भी देखने के लिए मिले है। सर्व पितृ अमावस्या के दिन अपने ही परिवार के वृ्द्ध जन को त्याग देना बहुत शर्मनाक भी है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके बच्चों को सद्बुद्धि दे।
- वक्ता मंच की काव्य गोष्ठी: चेतन भारती महामूर्ख बने…”ये साल भी एक सवाल रह गया तेरे नाम का गुलाल रह गया”: राहुल साहू - March 2, 2026
- बरमकेला मे “दो विभाग, दो दुनिया: सड़कों पर पसीना बहा रही पुलिस विभाग ,’कोचियों’ को अभयदान दे रहे आबकारी साहब ? - March 2, 2026
- सारंगढ़ ब्रेकिंग: “सड़क पर पसरा सन्नाटा, बंधापली के पास काल बनकर दौड़ा ट्रक; मौत से जूझ रहा सालर का ईश्वर..” - March 2, 2026
