अपनी अनूठी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले शहर के नगर कोतवाल मनीष नागर ने आज फिर एक बार संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार थाना चक्रधरनगर के अतरमुड़ा क्षेत्र में रहने वाले गरीब यादव परिवार की होनहार बिटिया जो अब तक शासन के आर टी ई योजना के अंतर्गत अतरमुड़ा के ही ज्ञान ज्योति नाम के निजी स्कूल में पढ़ाई करती आ रही थी। लेकिन इस साल अचानक स्कूल बंद हो जाने के कारण बच्ची की पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी चिंतित परिवार क्षेत्र के दूसरे निजी स्कूल में ही बीटिया का एडमिशन करवाना चाहता था। इसके लिए उन्होने पूर्व स्कूल से अनापत्ति भी प्राप्त कर ली थी परन्तु सम्बन्धित स्कूल प्रबंधन ने बिना जिला शिक्षा अधिकारी के लिखित अनुमति के बीटिया का एडमिशन लेने से इंकार कर दिया था। जिसके रोजी-मजदूरी करने वाले यादव परिवार की मुसीबत और बढ़ गई थी।
उन्होंने कई बार आवेदन लेकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यलाय में हाजिरी दी। परन्तु साहब ने सरकारी स्कूल में पढ़ाने का फरमान देकर इससे ज्यादा हम कुछ नही कर सकते है कहते हुए हाथ झाड़ लिया।
इस पर व्यथित परिवार ने यह तय कर लिया कि आज स्कूल खुले पूरे 10 दिन हो गए हैं,लेकिन उनकी मासूम होनहार बेटी अब भी पढ़ाई से वंचित है। इस पर अधिकारी भी उनकी बात नही सुन रहे हैं,ऐसे में तख्ती/पोस्टर ले कर कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठने के अलावा उनके पास और कोई चारा नही बाकी है।
सुबह 11 बजे पूरी तैयारी के साथ यादव परिवार मासूम बीटिया को साथ लेकर कलेक्ट्रेट गेट के सामने आ बैठा। परिवार के सभी ने हाथों में तख्तियां पकड़ा ली थी।
इतने में यहां आने जाने वाले पत्रकारों की नजर धरने पर बैठे यादव परिवार पर जा पड़ी। वे उनसे बातचीत के कर ही रहे थे कि इतने में नगर कोतवाल मनीष नागर वहां आ पहुंचे।
उन्होने यादव परिवार की समश्या जानी और कहा इस तरह मासूम बीटिया को सड़क पर लेकर बैठना अच्छा नही लगता है। आप सब मेरे साथ चलो और पहले बीटिया का एडमिशन आपके पसंद के स्कूल गुरु द्रोण में करवाते है। इसके बाद आप स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी से बात भी करेंगे और बीटिया को आर टी ई का लाभ भी दिलवाएंगे।
इस तरह परिवार वालों को अपनी पेट्रोलिग वाहन में साथ बिठाकर नगर कोतवाल मनीष नागर गुरु द्रोण स्कूल आ पहुंचे। उन्होने स्कूल प्रबन्धन से बात कर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की और तुरन्त अपनी तरफ से एक साल का स्कूल फीस जमा कर दिया।
इसके पश्चात स्कूल संचालक फागुलाल सिंह ने भी स्कूल की तरफ से बीटिया के परिजनों को यूनिफार्म और दूसरी अन्य जरूरी चीज़ों की खरीदी के लिए अपनी तरफ से आर्थिक मदद की। साथ ही सबको यह भरोसा भी दिलाया कि बीटिया को आगे आर टी ई का लाभ मिले या न मिले,परन्तु 12 वीं तक उसकी पढ़ाई की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन सिर्फ आधी फीस पर ही उठाएगा।
इस तरह अपनी अनूठी कार्यशैली और अलग अंदाज में नगर कोतवाल ने जिस तरह चट-पट पीड़ित यादव परिवार की बड़ी सहायता की,उसे देखने-सुनने के बाद हर कोई उनकी मुक्त कंठ प्रशंसा करता हुआ दिखा।
इधर बीटिया का एडमिशन होने के बाद यादव परिवार ने भी कोतवाल श्री नागर सहित स्कूल प्रबंधन और उपस्थित पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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