जगन्नाथ बैरागी

सारंगढ़, । सारंगढ़ नगरी निकाय चुनाव में कांग्रेस ने मैदान मार लिया है। नगर पालिका अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के सिंहासन पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है केवल इसमें औपचारिकता की मुहर लगाना शेष है। इस चुनाव में भाजपा की ऐसी दुर्गति हुई है जिसे भाजपा के कर्ता-धर्ता लंबे समय तक नहीं भूलेंगे। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए जोर आजमाईश करने वाले कई नेताओं को जनता ने आईना दिखा दिया है।

भाजपा नेताओं की मतदाताओं ने ऐसी बत्ती गुल की है कि जिसे वो बुरा सपना समझकर जल्द से जल्द भूलना चाहेंगे। वहीं, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर की करीबी रिश्तेदार दूजबाई मनहर दहाई के आंकड़े से आगे नहीं निकल सकीं। इस बार सारंगढ़ में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का में चुनाव महज रस्म अदायगी हो चला है क्योंकि अनुसूचित जाति महिला वर्ग से वार्ड चुनाव में भाजपा में के किसी प्रत्याशी ने जीत दर्ज नहीं की है। इस प्रकार सोनी अजय बंजारे की अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ़ हो गया है।
सोनी अजय बंजारे ही क्यों-
सोनी अजय बंजारे पूर्व पार्षद रह चुकी हैं, उन्होंने विगत भाजपा शहर सरकार की नाकामियों पर खुलकर जनता का पक्ष रखा है, तथा लोगों की समस्याओं के लिए पूर्व सत्ता के विरुद्ध खुलकर मुखर हुवी हैं। साथ ही पति अजय बंजारे एक सामाजिक कार्यकर्ता और कोरोनकाल में गरीबों के मसीहा के रूप में जनता के मध्य उभरे हैं। इन सभी कारणों से जनता,रणनीतिकार और पत्रकार भी उन्हें नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में देख रहे हैं।





