सारंगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ में प्रस्तावित गौरव पथ निर्माण को लेकर शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर युवाओं और जागरूक नागरिकों ने पड़ोसी नगरों में प्रस्तावित गौरव पथ की लागत की तुलना करते हुए सारंगढ़ के बजट पर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का आरोप है कि जब अन्य नगरों में गौरव पथ निर्माण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो पूरे जिले के प्रमुख केंद्र सारंगढ़ के लिए अपेक्षाकृत कम राशि का प्रस्ताव क्यों रखा गया है?
नागरिकों के बीच उपलब्ध जानकारी और सूत्रों के आधार पर चंद्रपुर में लगभग 11 करोड़ रुपये, डभरा में करीब 22 करोड़ रुपये तथा सरायपाली में 40 से 45 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण की चर्चा है। वहीं, सारंगढ़ के प्रस्तावित गौरव पथ की लागत मात्र 2 से 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों और परियोजनाओं की वास्तविक लागत, स्वीकृति तथा निर्माण के दायरे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
शहरवासियों का कहना है कि सारंगढ़ जिला मुख्यालय होने के साथ-साथ जिले की प्रशासनिक, व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां की सड़कों का विकास, व्यवस्थित यातायात, जल निकासी और शहर का सौंदर्यीकरण प्राथमिकता में होना चाहिए। यदि दूसरे नगरों में बेहतर और आधुनिक गौरव पथ के निर्माण के लिए अधिक बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, तो सारंगढ़ की जरूरतों का आकलन किस आधार पर किया गया है?
नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और विभाग से पूछे सवाल
गौरव पथ की लागत में इतना बड़ा अंतर क्यों है? सारंगढ़ के लिए प्रस्तावित बजट तय करने का आधार क्या है? क्या जिला मुख्यालय की जरूरतें दूसरे नगरों से कम हैं? क्या सारंगढ़ के नागरिकों को बेहतर सड़क, व्यवस्थित यातायात और सुंदर शहर की सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए? इन सवालों को लेकर नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
लागत से लेकर निर्माण की गुणवत्ता तक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
शहरवासियों ने मांग की है कि प्रस्तावित गौरव पथ की कुल लंबाई, चौड़ाई, स्वीकृत लागत, निर्माण की समय-सीमा और तकनीकी रूपरेखा सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही सड़क की गुणवत्ता, नाली निर्माण, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, डिवाइडर, यातायात व्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर होने वाले खर्च का भी स्पष्ट विवरण सामने लाया जाए। नागरिकों का कहना है कि केवल सड़क निर्माण तक सीमित रहने के बजाय परियोजना ऐसी होनी चाहिए, जिससे शहर को लंबे समय तक बेहतर आवागमन और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
जिला मुख्यालय की गरिमा के अनुरूप हो विकास
नागरिकों ने मांग की है कि सारंगढ़ की वास्तविक जरूरतों का निष्पक्ष आकलन कर गौरव पथ के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्माण कार्य में पारदर्शिता, निर्धारित मानकों का पालन और गुणवत्ता की नियमित निगरानी हो, ताकि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति या अव्यवस्थित यातायात जैसी समस्याएं सामने न आएं।
फिलहाल गौरव पथ की लागत को लेकर उठे सवालों पर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना महत्वपूर्ण होगा। शहरवासियों की मांग है कि परियोजना की वास्तविक लागत और निर्माण योजना सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जाए।
नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि सारंगढ़ का विकास किसी की कृपा नहीं, बल्कि शहरवासियों का अधिकार है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और विभाग इन सवालों पर क्या जवाब देते हैं और जिला मुख्यालय के गौरव पथ को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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