सारंगढ़। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित संकुल स्तरीय संगठन (CLF), ग्राम संगठन (VO) और स्व-सहायता समूहों (SHG) में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब इन संगठनों में सभी प्रकार के भुगतान और राशि की निकासी कैशलेस माध्यम से करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने और वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत के सीईओ ऋषिकेश तिवारी द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, बिहान से जुड़े समूहों और संगठनों में प्राप्त राशि, व्यय तथा निकासी का लेन-देन चेक, आरटीजीएस, फोनपे सहित अन्य बैंकिंग माध्यमों से ही किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखना और समूहों की राशि के दुरुपयोग की आशंका को रोकना है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी राशि का आहरण निर्धारित प्रक्रिया और विधिवत पारित प्रस्ताव के आधार पर ही किया जा सकेगा। प्रस्ताव में उल्लेख नहीं होने या विधिवत स्वीकृति के बिना राशि निकालने की स्थिति में संबंधित अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। साथ ही, सभी आहरण एवं व्यय संबंधी प्रस्तावों पर कार्यकारिणी समिति का अनुमोदन और आवश्यक हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं।
जिला पंचायत ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यदि किसी संगठन में नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति राशि की निकासी या अन्य वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्देश से बिहान के अंतर्गत संचालित महिला स्व-सहायता समूहों और उनके संगठनों के वित्तीय प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। अब समूहों को प्रत्येक भुगतान और निकासी का विधिवत रिकॉर्ड रखते हुए निर्धारित बैंकिंग माध्यमों से ही लेन-देन करना होगा।
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