जनरल स्टोर्स, हार्डवेयर, बैटरी और किराना दुकानों में भी आसानी से उपलब्ध होने की शिकायत; न स्टॉक रजिस्टर का पता, न खरीदारों के रिकॉर्ड की जानकारी
सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जिला मुख्यालय सारंगढ़ में एसिड की बिक्री को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शहर में जनरल स्टोर्स, बैटरी, हार्डवेयर और अन्य दुकानों के साथ किराना दुकानों में भी एसिड आसानी से उपलब्ध होने की शिकायत सामने आ रही है। आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों में एसिड की बिक्री के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
बिना पहचान-पत्र बिक्री का आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों के अनुसार, कुछ दुकानों में ग्राहकों की पहचान सुनिश्चित किए बिना एसिड उपलब्ध कराने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, बिक्री का रिकॉर्ड रखने, खरीदारों की जानकारी दर्ज करने और स्टॉक रजिस्टर के नियमित संधारण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसिड जैसे खतरनाक रसायन की बिक्री में लापरवाही होने पर उसका दुरुपयोग रोकना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि संबंधित दुकानदार एसिड कहां से खरीद रहे हैं, कितना स्टॉक रख रहे हैं और किन लोगों को इसकी बिक्री कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद निगरानी पर सवाल
देश में एसिड अटैक की गंभीर घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसिड की बिक्री और उपलब्धता को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। एसिड की बिक्री से संबंधित लागू नियमों के तहत विक्रेताओं को निर्धारित शर्तों का पालन करना होता है। इनमें खरीदार की पहचान का सत्यापन, बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक का हिसाब और संबंधित प्राधिकारियों के निर्देशों का पालन शामिल है।
इन प्रावधानों का उद्देश्य एसिड की अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाना और उसके संभावित दुरुपयोग को रोकना है। ऐसे में सारंगढ़ में सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
प्रशासन की जांच कहां तक?
जिला मुख्यालय में यदि एसिड की बिक्री निर्धारित नियमों के विपरीत हो रही है, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या शहर में एसिड बेचने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान की गई है? क्या उनके पास आवश्यक अनुमति है? क्या स्टॉक रजिस्टर, खरीद बिल और बिक्री संबंधी दस्तावेजों की नियमित जांच होती है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभागों की कार्रवाई से ही सामने आएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को शिकायतों का इंतजार करने के बजाय संबंधित दुकानों की औचक जांच करनी चाहिए। जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एसिड का भंडारण सुरक्षित तरीके से हो रहा है और बिक्री में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला
एसिड अटैक किसी भी व्यक्ति की जिंदगी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। खासकर महिलाओं और युवतियों के खिलाफ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एसिड की बिक्री पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है। यदि खतरनाक रसायन निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी कर बेचा जा रहा है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
औचक जांच से खुलेगी पोल
सारंगढ़ शहर में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जांच अभियान चलाए जाने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। प्रतिष्ठानों के खरीद बिल, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, खरीदारों की पहचान संबंधी दस्तावेज और आवश्यक अनुमतियों की जांच की जानी चाहिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एसिड की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर उनकी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बिना निर्धारित प्रक्रिया के एसिड की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
अब सवाल यह है कि सारंगढ़ में एसिड की बिक्री को लेकर उठ रही शिकायतों पर प्रशासन कब संज्ञान लेगा? क्या संबंधित विभाग जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखेंगे, या यह मामला केवल शिकायतों तक ही सीमित रह जाएगा? इसकी निगाहें अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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