सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों को खुले जंगल में बसाने का प्रयोग सफल होने के बाद अब यही मॉडल सारंगढ़ जिले के प्रसिद्ध गोमर्डा अभयारण्य में अपनाया जाएगा। इसके तहत रायपुर जंगल सफारी से 50 काले हिरणों का झुंड गोमर्डा अभयारण्य लाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य अभयारण्य में वन्यजीवों की मौजूदगी बढ़ाने और उनके संरक्षण को मजबूत करना है।
योजना के अनुसार, जंगल सफारी से लाए जाने वाले काले हिरणों को शुरुआत में गोमर्डा अभयारण्य के घने जंगल में बनाए गए सुरक्षित बाड़े में रखा जाएगा। यहां उन्हें नए वातावरण और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल होने का अवसर मिलेगा। इसके बाद उचित परिस्थितियां सुनिश्चित कर उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें और अपनी संख्या बढ़ा सकें।
जंगल सफारी में काले हिरणों की संख्या 150 से अधिक हो चुकी है। करीब तीन साल पहले यहां से 25 काले हिरण बारनवापारा अभयारण्य भेजे गए थे। लगभग एक साल तक सुरक्षित बाड़े में रखने के बाद उनकी संख्या 50 के पार पहुंच गई। इसके बाद करीब दो दर्जन हिरणों को खुले जंगल में छोड़ दिया गया। वहां यह प्रयोग सफल रहा और काले हिरण जंगल में बसने लगे। उनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसी अनुभव को देखते हुए अब गोमर्डा अभयारण्य में भी यही मॉडल अपनाने की तैयारी की जा रही है।
शनिवार को नवा रायपुर में वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में काले हिरणों को गोमर्डा अभयारण्य में बसाने सहित वन्यजीव संरक्षण और वनांचल में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
बैठक में भोरमदेव अभयारण्य की तीन, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की 14 और जशपुर जिले के बादलखोल अभयारण्य की एक सड़क के उन्नयन की अनुशंसा की गई। इन सड़कों के सुधार से विशेष पिछड़ी जनजातियों की बस्तियों तक पहुंच आसान बनाने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में ‘ऑरेंज ओकलीफ’ तितली को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव पर आगे की कार्यवाही को भी मंजूरी दी गई। यह पहल राज्य की जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप के साथ विधायक धर्मजीत सिंह, गोमती साय और चैतराम अटामी, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ओ.पी. यादव सहित समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गोमर्डा अभयारण्य में काले हिरणों को बसाने की यह योजना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नई पहल है। अब इसके क्रियान्वयन और नए वातावरण में हिरणों के अनुकूलन पर नजर रहेगी।
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