भटगांव। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर इस साल की थीम है – मानसिक स्वास्थ्य कार्यस्थल पर, सबका अधिकार। हम बीपी, शुगर, हार्ट की बात करते हैं, पर मन की बीमारी को पागल पन समझ कर छुपा देते हैं। भारत में हर 10 में से 1 व्यक्ति को तनाव, चिंता या डिप्रेशन होता है, 80 % लोग इलाज नहीं कराते। मन का स्वस्थ होना मतलब रोज तनाव को संभालना, काम ठीक से कर पाना और नींद अच्छी आना है। अगर 15 दिन से ज्यादा मन उदास रहे तो यह बीमारी की शुरु आत है। तनाव के कारण हैं। खेती में नुकसान, कर्ज, बेरोजगारी, रात भर मोबाइल से नींद कम होना, शराब, गांजा, गुटखा जैसे नशे से दिमाग कमजोर होना, अकेलापन, मोबाइल पर दूसरों की जिंदगी देखकर खुद को कम समझना लंबे समय से शुगर, बीपी जैसी बीमारी होना।
इनके लक्षणों को नजरअंदाज न करें। 15 दिन से ज्यादा उदासी, किसी काम में मन न लगना, नींद और भूख बिगड़ना, हर समय थकान, छोटी बात पर गुस्सा, ध्यान न लगना, खुद को बेकार समझना, सीने में घबराहट और नशा बढ़ा देना । मर जाऊं तो अच्छा सोचना सब से खतरनाक है, तुरंत मदद लें। मन को स्वस्थ रखने के 7 सूत्र हैं। रोज 20 मिनट परिवार से दिल की बात करें। 7 से 8 घंटे की नींद लें, सोने से एक घंटा पहले मोबाइल बंद करें। रोज 30 मिनट तेज चलें, योग- प्राणायाम करें। नशा बिल्कुल बंद करें। मोबाइल -टीवी का समय तय करें, काम और आराम में संतुलन रखें। हरी सब्जी, फल और पानी ज्यादा लें। याद रखें मानसिक बीमारी भी शुगर-बीपी जैसी ही बीमारी है, इसका इलाज है। सरकारी अस्पताल में काउंसलिंग और दवा मुफ्त है। सभी CHC और जिला अस्पताल में ई- संजीवनी से सलाह लें। मितानिऔर परिवार ताना न मारें, अकेला न छोड़ें । डॉ.एफ. आर. निराला, निराला ने नारा दिया मन की बात कहो, तनाव दूर करो।
- विश्वमानसिक स्वा. दिवस – स्वस्थ मन तो स्वस्थ तन - October 11, 2026
- बिलाईगढ़ में नवरात्रि की धूम, बाइक-स्कूटी समेत 13 आकर्षक इनामों का लकी ड्रॉ… - October 11, 2026
- शिक्षक के सूने मकान में चोरी, नकदी-जेवर पार… - October 11, 2026
