सारंगढ़। नया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर का सपना एक बार फिर सरकारी फाइलों में उलझता नजर आ रहा है। दानसरा में प्रस्तावित अटल विहार आवासीय योजना को स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। करीब 59 करोड़ 80 लाख 64 हजार रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 454 आवासों का निर्माण किया जाना है, लेकिन निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद भी कार्यादेश जारी नहीं होने से योजना की प्रगति पर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दानसरा में 10.094 हेक्टेयर भूमि पर अटल विहार योजना विकसित करने की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 50 एमआईजी (मध्यम आय वर्ग), 252 एलआईजी (निम्न आय वर्ग) और 152 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के आवास बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे वर्षों से संजोए अपने घर के सपने को साकार कर सकें।
जानकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य की निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 4 अगस्त 2026 निर्धारित थी, जबकि 7 अगस्त 2026 को निविदा खोलने की तिथि तय की गई थी। निविदा खुलने के बाद भी 10 अक्टूबर तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्यादेश जारी करने में देरी क्यों हो रही है और जिम्मेदार विभाग कब तक निर्माण कार्य शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा?
सारंगढ़ के जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना नई उम्मीद लेकर आई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि पहले भी दो बार स्थान परिवर्तन और चार-पांच बार निविदा निरस्त होने जैसी परिस्थितियों के कारण योजना को लंबा इंतजार करना पड़ा है। अब जब निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, तब भी कार्यादेश जारी नहीं होने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। यदि प्रशासनिक प्रक्रिया में इसी तरह देरी होती रही, तो आवास निर्माण और हितग्राहियों को घर मिलने की समयसीमा भी प्रभावित हो सकती है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 59.80 करोड़ रुपये की योजना का कार्यादेश कब जारी होगा? निर्माण कार्य कब शुरू होगा और गरीब परिवारों को अपने घर की चाबी कब मिलेगी? योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी के कारणों को लेकर संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि जनता को वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिल सके।
जिले के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू से मांग की है कि अटल विहार योजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कराई जाए, कार्यादेश जारी करने में हो रही देरी के कारणों का पता लगाया जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। लोगों का कहना है कि गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के आवास से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण योजना को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और 454 परिवारों के घर के सपने को साकार करने के लिए कब ठोस पहल होती है। 59.80 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब सरकारी स्वीकृति और निविदा की प्रक्रिया धरातल पर निर्माण कार्य में बदलकर दिखाई देगी।
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