सारंगढ़। जन्मदिन की खुशियां अक्सर महंगी पार्टियों, उपहारों और केक काटने तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदी की प्राचार्य एवं पूर्व डीईओ श्रीमती विभावरी ठाकुर ने अपने जन्मदिन को सेवा, स्नेह और सामाजिक सरोकार से जोड़कर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। 5 अक्टूबर को अपने जन्मदिवस के अवसर पर उन्होंने विद्यालय एवं छात्रावासों में अध्ययनरत करीब 600 बच्चों के लिए न्यौता भोज का आयोजन किया।
इस दौरान श्रीमती विभावरी ठाकुर स्वयं बच्चों के बीच पहुंचीं और उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया। उन्होंने बच्चों की थालियों में भोजन परोसा और उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया। इस आत्मीयता ने पूरे आयोजन को महज भोजन कार्यक्रम न रहकर स्नेह, सम्मान और अपनत्व के यादगार अवसर में बदल दिया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और संतोष की मुस्कान पूरे आयोजन की सबसे खास तस्वीर बनी रही।
आज के दौर में जब जन्मदिन जैसे अवसरों पर दिखावे और खर्चीले आयोजनों का चलन बढ़ रहा है, वहीं विभावरी ठाकुर की यह पहल समाज के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आई है। उन्होंने अपने जन्मदिन पर जरूरतमंद और स्कूली बच्चों के बीच खुशियां बांटकर यह संदेश दिया कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना और जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करना ही उत्सव का वास्तविक अर्थ है।
न्योता भोज के माध्यम से बच्चों को केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं मिला, बल्कि उन्हें सामाजिक समानता, अपनत्व और सम्मान का भाव भी महसूस हुआ। ऐसे आयोजन बच्चों के मन में यह विश्वास पैदा करते हैं कि समाज उनके साथ खड़ा है और वे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर का यह कदम शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के अन्य वर्गों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है। उन्होंने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि नेतृत्व केवल पद और निर्देशों तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपने आचरण और कर्मों से समाज को सकारात्मक दिशा देना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
इस अवसर पर श्रीमती विभावरी ठाकुर ने कहा कि न्योता भोज केवल बच्चों को भोजन कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके प्रति स्नेह, सामाजिक सरोकार और अपनत्व व्यक्त करने का सुंदर प्रयास है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को पोषण के साथ-साथ समानता, सामाजिक समरसता और संस्कारों की सीख भी मिलती है।



