सारंगढ़-बिलाईगढ़। बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़पार (स) में 15वें वित्त आयोग मद की राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शिकायत की जांच में सरपंच श्रीमती फूलबाई साहू और सचिव छतराम साहू के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद जिला पंचायत सीईओ को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में पंचायत की 12 लाख 68 हजार 107 रुपये की राशि से संबंधित वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
मामला ग्राम पंचायत मुड़पार (स) में 15वें वित्त आयोग मद की राशि के उपयोग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजेश लहरे सहित अन्य लोगों द्वारा पंचायत में राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर जांच दल गठित कर पंचायत के कार्यों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि 15वें वित्त आयोग मद की कुल 12,68,107 रुपये की राशि के संबंध में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम तथा माल क्रय नियम 2013 के विपरीत भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच दल ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत की।
रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत मुड़पार (स) के सरपंच एवं सचिव द्वारा 15वें वित्त की राशि से निर्माण कार्य नहीं कराने तथा उक्त राशि के आहरण कर गबन किए जाने संबंधी शिकायत की जांच की गई। साथ ही पंचायत की बैठक में पारित प्रस्ताव, प्रशासकीय स्वीकृति, कार्य, किस फर्म को कितनी राशि का भुगतान किया गया और किस सामग्री की कितनी मात्रा खरीदी गई, जैसे बिंदुओं की भी पड़ताल की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सरपंच एवं सचिव से संबंधित राशि की वसूली योग्य होने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सचिव छतराम साहू के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की भी बात सामने आई है।
बताया गया कि पंचायत सचिव छतराम साहू को ग्राम पंचायत मुड़पार (स) के अतिरिक्त प्रभार से हटाने के लिए 10 जुलाई 2026 को आदेश जारी हुआ था। इसके बाद 17 जुलाई 2026 को 15वें वित्त आयोग की राशि से नियमों के विपरीत वित्तीय अनियमितता करते हुए बिना कार्य पूर्ण किए पीएफएमएस के माध्यम से विभिन्न फर्मों को भुगतान किए जाने की बात जांच में सामने आई।
मामले में सरपंच एवं सचिव पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद संबंधित जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

12.68 लाख की राशि ने खड़े किए कई सवाल
इस पूरे मामले में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग, पंचायत स्तर पर भुगतान प्रक्रिया, कार्यों की वास्तविक स्थिति और खरीदी गई सामग्री से संबंधित दस्तावेजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा सरपंच और सचिव के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है तथा कथित रूप से वसूली योग्य राशि की वसूली किस प्रकार की जाती है।
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