सारंगढ़-बिलाईगढ़, 26 सितंबर 2026। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नालों और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था सक्रिय कर दी है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदारों और मैदानी अमले को संवेदनशील व निचले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत-बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने ली वर्चुअल बैठक
कलेक्टर ने एसडीएम, जल संसाधन विभाग एवं तहसीलदारों के साथ वर्चुअल बैठक कर लगातार बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जलस्तर, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
कलमा बैराज के 66 गेट खुले
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.एस. वारे के अनुसार 26 सितंबर को शाम 4 बजे कलमा बैराज का जलस्तर 195.85 मीटर दर्ज किया गया। बैराज का पूर्ण जलाशय स्तर 197 मीटर तथा खतरे का जलस्तर 198.50 मीटर है। वर्तमान में बैराज के सभी 66 गेट खुले हैं।
बैराज में पानी की आवक और जावक 4,960.623 घन मीटर प्रति सेकंड यानी 1,75,159.59 क्यूसेक दर्ज की गई। दोपहर 2 बजे जलस्तर 195.50 मीटर था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 195.85 मीटर हो गया। वहीं हीराकुंड जलाशय के 16 गेट खुले हैं और वहां से करीब 3,00,432 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नदी किनारे गांवों में मुनादी
साराडीह बैराज सहित नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों पर प्रशासन की विशेष नजर है। सरिया क्षेत्र के 22 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामवार मुनादी कराकर ग्रामीणों को नदी-नालों से दूर रहने और जलस्तर बढ़ने पर सावधानी बरतने की जानकारी दी गई है।
सारंगढ़ एसडीएम उमेश ने बताया कि संबंधित गांवों के पंच, सरपंच और जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है।
बिलाईगढ़-भटगांव में भी निगरानी
बिलाईगढ़ एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि बिलाईगढ़ और भटगांव क्षेत्र में महानदी किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले को सक्रिय रखा गया है और स्थानीय स्तर से लगातार जानकारी ली जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
बरमकेला में भी प्रशासन अलर्ट
बरमकेला तहसीलदार कोमल साहू के अनुसार लात नाला पुल तथा तिमरलगा-बरमकेला मार्ग पर फिलहाल आवागमन बाधित नहीं है। कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को नदी किनारे नहीं जाने और तेज बहाव से सावधान रहने की अपील की गई है।
24 घंटे संपर्क में रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक 07788-299016 पर सूचना दे सकते हैं। तहसीलों और नगर पंचायतों में भी आवश्यकता के अनुसार नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए जा रहे हैं।
प्रदेश में लगातार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कलेक्टरों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उफनती नदियों-नालों, तेज बहाव और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। जलस्तर में अचानक वृद्धि या किसी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्रवाई की जा सके।


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