सारंगढ़। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. पटेल ने पदभार संभालते ही शिक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रियता दिखाते हुए बरमकेला विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल साल्हेओना, गोबरसिंहा, कन्या बरमकेला एवं लिंजिर पहुंचकर विद्यालयीन व्यवस्थाओं, पठन-पाठन और विद्यार्थियों की उपस्थिति का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीईओ पटेल ने शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा ब्लूप्रिंट के आधार पर व्यवस्थित पठन-पाठन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की विषयवार तैयारी ऐसी हो कि आगामी परीक्षाओं में विद्यालय के परिणाम उत्कृष्ट हों। इसके लिए कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हांकित कर उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन देने तथा परीक्षा की दृष्टि से विशेष तैयारी कराने के निर्देश दिए गए।
बेहतर परिणाम के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
डीईओ ने शिक्षकों से कहा कि उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम केवल एक शिक्षक या संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास का परिणाम होता है। उन्होंने स्टाफ में आपसी सामंजस्य, बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध सीमित संसाधनों का अधिकतम और बेहतर उपयोग करने की बात कही, ताकि संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा न बने। विद्यालय परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
उपस्थिति पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति को लेकर भी डीईओ ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने VSK में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के कारणों की जानकारी लेकर उन्हें नियमित विद्यालय लाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा।
डीईओ ने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
अचानक निरीक्षण से शिक्षा विभाग में बढ़ी सक्रियता
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डीईओ एल.एन. पटेल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण को शिक्षा व्यवस्था में कसावट लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण से विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, उपस्थिति और परीक्षा परिणाम को लेकर जिम्मेदारी और सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
डीईओ ने स्पष्ट संकेत दिया कि विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में रहेगा। उनके औचक निरीक्षण से शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन में भी अपनी व्यवस्थाओं को और बेहतर करने को लेकर सक्रियता दिखाई देने लगी है।


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