सक्ती। शासकीय साहेब कबीर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोता में छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति मालखरौदा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में छात्राओं को विभिन्न कानूनों, अधिकारों और जरूरत के समय उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
शिविर में पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के गठन, उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने में विधिक सेवा प्राधिकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि कानून की जानकारी व्यक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सक्षम बनाती है।
साइबर अपराध से लेकर बाल विवाह तक दी जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर अपराध, साइबर सेल, अपहरण, बाल विवाह, बालश्रम, बाल अपराध तथा मोटर व्हीकल एक्ट सहित बच्चों के मौलिक अधिकारों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही POCSO Act 2012 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न, हिंसा या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय तत्काल इसकी जानकारी परिजनों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
शिविर में बच्चों एवं महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा महिला हेल्पलाइन 1091 के बारे में बताया गया और आपात स्थिति में इनका उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई गई।
‘अभिव्यक्ति’ ऐप डाउनलोड करने किया प्रेरित
कार्यक्रम में नालसा की बच्चों को विधिक सेवाएं एवं बच्चों के संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 तथा तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना 2015 के संबंध में भी जानकारी दी गई। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ‘अभिव्यक्ति’ महिला सुरक्षा ऐप की उपयोगिता बताते हुए छात्राओं को इसे डाउनलोड कर आवश्यकता पड़ने पर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
पैरालीगल वालेंटियर शांति कुर्रे ने कहा कि कानून की जानकारी अपने अधिकारों की रक्षा का पहला कदम है। किसी भी प्रकारके की हिंसा, उत्पीड़न, बाल विवाह, साइबर अपराध या शोषण की स्थिति में डरने के बजाय तत्काल मदद लेनी चाहिए।
शिविर में विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित, सजग और सशक्त बनने का संदेश दिया गया।


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