सारंगढ़। वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद हरिप्रिया ने कहा कि भाजपा के नवनियुक्त पदाधिकारियों की बैठक में पहला प्रस्ताव भारत के गौरव, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ के सम्मान में पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है और देश के कोने-कोने में इसके प्रति सम्मान, गौरव और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।
अरविंद हरिप्रिया ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में वंदे मातरम के सभी छह छंदों के गायन को लेकर देशभर में गौरव की भावना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी वंदे मातरम के सम्मान को विशेष रूप से स्थापित किया गया।
उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के चलते वंदे मातरम के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता और युवा इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। हरिप्रिया ने कहा कि “हमारी पहचान हमारा वंदे मातरम है। यह हमें याद दिलाता है कि भारत किसी एक धर्म, भाषा, जाति या समुदाय का नाम नहीं, बल्कि विविधताओं से भरा एक साझा राष्ट्र है।”
उन्होंने कहा कि देश में भले ही लोगों की भाषाएं, संस्कृतियां और पहचानें अलग-अलग हों, लेकिन भारतीय और हिंदुस्तानी होना हम सभी को एक सूत्र में बांधता है। वंदे मातरम इसी राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और भारत माता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करता है।

- हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा नगर, कांवरियों ने चंद्रपुर और तालेश्वर से लाकर किया जलाभिषेक… - August 24, 2026
- वंदे मातरम हमारा गौरव और सम्मान : अरविंद हरिप्रिया… - August 24, 2026
- साइबर ठगों पर पुलिस का प्रहार, जागरूकता से बनेगा सुरक्षा कवच!ग्रामीण बैंक सालर में चला साइबर जागरूकता अभियान, 50 नागरिकों और 05 बैंक कर्मचारियों ने लिया भाग… - August 24, 2026
