छत्तीसगढ़ के रायपुर से सामने आई एक घटना रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत दोनों को झकझोर देने वाली है, जिस पिता के रहने से बेटी को सुरक्षा महसूस होनी चाहिए, अगर वहीं उसे अपनी दरिंदगी का शिकार बना ले तो उस बेटी पर क्या गुजरेगी ये शायद ही कोई समझ सकता है.

आरोप है कि एक पिता ने अपनी सगी बेटी का करीब तीन साल तक शोषण किया. पीड़िता दो बार गर्भवती हुई और दूसरी बार उसने एक बच्चे को जन्म दिया. लेकिन हैवान पिता की हैवानियत यही कम नहीं हुई, उसने पैसों के लिए नवजात तक को बेच दिया. इस पूरे मामले में आरोपी पिता के साथ उसकी बहन, दो नर्सों समेत आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिता की उम्र 38 साल है. वर्ष 2023 में उसकी पत्नी उससे अलग हो गई थी और अपनी तीन बेटियों को उसके पास छोड़ गई थी. आरोप है कि इसके पिता ने न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अमलीडीह इलाके में एक रिश्तेदार के घर पर अपनी सबसे बड़ी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी. यह सिलसिला लगातार होने लगा.
गर्भवती होने पर बुआ को बताया राज़
जब नाबालिग बच्ची गर्भवती हुई तो उसने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी. लेकिन पीड़िता क्या जानती थी कि जिस बुआ पर वह विश्वास कर रही है, वह सारी बात जाकर उसके आरोपी पिता को बता देगी. आरोपी पिता को बात पता चलते ही दोनो भाई-बहन मासूम पर बिजली बनकर टूटे और उसके साथ मारपीट की. फिर पीड़िता को गर्भपात की दवा खिला दी, जिससे पहली बार उसका गर्भ गिर गया. इस घटना के बाद भी दरिंदे पिता की प्यास नहीं बुझी और उसने नाबालिग का शोषण जारी रखा. साल 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई.
दोबारा गर्भवती होने के बाद आरोपी पिता ने क्या किया?
पुलिस के मुताबिक, जब आरोपी को दूसरी बार अपनी बेटी के गर्भावस्था का पता चला तो वह उसे वर्षा मंडल नाम की एक नर्स के घर ले गया. आरोप है कि नर्स ने सुरक्षित प्रसव कराने का भरोसा दिया. इसके बाद उसने लड़की को अपनी परिचित दूसरी नर्स के घर भेज दिया. पीड़िता करीब दो महीने तक उस दूसरी नर्स के घर रही. जिसके बाद दूसरी नर्स ने नाबालिग की उम्र छिपाकर उसे बालिग और शादीशुदा बताया.
कथित तौर पर आधार कार्ड समेत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसे रायपुर के डंगनिया इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद पीड़िता ने सर्जरी के जरिए एक बेटे को जन्म दिया. प्रसव के बाद डॉक्टर, पिता और अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर नवजात को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया.
सोशल मीडिया के जरिए मां तक पहुंची पीड़िता
प्रसव के बाद नाबालिग को करीब 15 दिनों तक नर्स के घर पर रखा गया. बाद में उसका पिता उसे घर वापस ले आया. इसके बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी मां से संपर्क किया और उन्हें पूरी आपबीती सुनाई. सोमवार को उसकी मां इसे पुलिस थाने लेकर पहुंची, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई और मामले की जांच शुरू हुई.
पिता-बुआ समेत 8 गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में आरोपी पिता और बुआ के अलावा रोहित कुमार राय, उसकी पत्नी योगिता राय उर्फ गीता, निजी अस्पताल के सुपरवाइजर साहेब मंडल, उसकी पत्नी वर्षा मंडल, नवजात को कथित तौर पर खरीदने वाले व्यक्ति और एक अन्य महिला को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है.
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